जकात दें, तालीम बढ़ाएं, रूहानी तौर पर मजबूत बनें : मुफ्ती ए आजम

जबलपुर:शनिवार को जबलपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में मीठी ईद धूमधाम के साथ मनाई गई। मुस्लिम धर्मावलंबियों ने 30 रोज़ों के सब्र और इबादत के बाद ईद उल-फ़ित्र का त्यौहार बड़े उत्साह और अकीदत के साथ मनाया। इस अवसर पर ईदगाह कला रानीताल में हजारों लोगों ने ईद की नमाज़ अदा की नमाज़ से पहले मुफ्ती- ए- आजम मध्यप्रदेश हज़रत मौलाना मुशाहिद रज़ा कादरी ने तकरीर करते हुए तमाम लोगों को ईद की मुबारकबाद पेश की। अपने संबोधन में मौलाना साहब ने कहा कि आज पूरी दुनिया में मुसलमान एक कठिन दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं पर चलते हुए कुर्बानी के जज़्बे को कायम रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक मुसलमान रूहानी तौर पर मजबूत नहीं होगा, तब तक उसे दुनिया में सम्मान नहीं मिलेगा, क्योंकि असली ताकत अल्लाह और उसके रसूल पर पुख्ता ईमान में ही है।
यतीमों का रखे ध्यान...
मौलाना साहब ने अपने संबोधन में कहा कि हमें समाज के कमजोर वर्गों की मदद पर जोर देना चाहिए और गरीबों और यतीमों का खास ख्याल रखना चाहिए। कई जरूरतमंद बच्चे नए कपड़े और अच्छी तालीम से वंचित रह जाते हैं, इसलिए जकात का सही इस्तेमाल कर उनके हक अदा करें। उन्होंने कहा कि साहिब-ए-निसाब मुसलमानों पर जकात देना फर्ज है और इसमें देरी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि जकात से माल भी पाक होता है।
तालीम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ-साथ इस्लामी तालीम भी देना जरूरी है। तालीम का स्तर सुधारने और घरों के माहौल को बेहतर बनाने की भी उन्होंने अपील की। साथ ही उन्होंने बच्चों को मां-बाप का फरमाबरदार बनने और बुजुर्गों की जिंदगी से नसीहत लेने की सीख दी। उन्होंने कहा कि दुनिया का पहला स्कूल मां की गोद है, जहां से इंसान की असली तालीम की शुरुआत होती है।
एकसाथ अदा की नमाज
तकरीर के उपरांत मुफ्ती सैय्यद अब्दुल रहमान साहब ने प्रातः 10:45 बजे ईद-उल-फित्र की नमाज़ अदा कराई। लगभग 50 हजार मुस्लिमों ने एक साथ ईदगाह रानीताल में नमाज़ अदा की। ईदगाह में अल्लाहु अकबर की गूंज के साथ हजारों सिर सजदे में झुक गए। खुदा की बंदगी का यह आलम काबिले गौर रहा। नमाज़ के बाद ईद का खुत्बा पढ़ा गया और अंत में मुल्क की तरक्की, खुशहाली और अमन-चैन के लिए खास दुआएं मांगी गईं। नमाज़ अदा करने के बाद नमाज़ियों ने एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश की। ईदगाह रानीताल के प्रवेश द्वार पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने मौलाना साहब व मुस्लिम बंधुओं से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
अलसुबह से शुरू हुआ आगमन
शनिवार प्रातः काल से ही ईदगाह रानीताल में नमाज़ियों का आना शुरू हो गया था। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पहले आने वालों को आगे की सफों में जगह मिली, जबकि देर से आने वालों को पीछे की कतारों में स्थान मिला। धीरे-धीरे पूरी ईदगाह नमाज़ियों से भर गई। ठीक 10 बजे मुफ्ती-ए-आजम मध्यप्रदेश के पहुंचने पर अकीदतमंदों ने नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर के नारों के साथ उनका इस्तकबाल किया। वही मोमिन ईदगाह गोहलपुर में प्रातः 8:30 बजे हजारों मुस्लिमों ने नमाज़ अदा की। हाफिज मोहम्मद ताहिर साहब ने नमाज़ पढ़ाई। भारी भीड़ के चलते मुख्य सड़क और उर्दू स्कूल मैदान तक लंबी कतारें लगी रहीं।
सदर ईदगाह में प्रातः 9 बजे हाफिज कारी सुल्तान अशरफी ने नमाज़ अदा कराई। यहां सुरक्षा संस्थानों, सेना इकाइयों के मुस्लिम अधिकारी-कर्मचारियों और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी नमाज़ अदा की। नमाज़ के बाद अमन-शांति और खुशहाली की दुआ की गई। सदर बाजार क्षेत्र में हिंदू समाज के लोगों ने भी मुस्लिम भाइयों को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और गढ़ा ईदगाह में क्षेत्रीय लोगों, नेताजी सुभाषचंद्र बोस शासकीय मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों और छात्रों ने नमाज़ अदा की। हाफिज कारी मौलाना अमीर अशरफ ने प्रातः 10 बजे नमाज़ पढ़ाई। शिया जामा मस्जिद फूटाताल में प्रातः 9:30 बजे मौलाना सैय्यद हैदर मेहंदी साहब ने ईद की नमाज़ अदा कराई। नमाज़ के बाद शिया बंधुओं ने आपस में गले मिलकर मुबारकबाद दी। गलगला टोरिया फूटाताल क्षेत्र में दिनभर ईद की चहल-पहल बनी रही।
गरीबों को कराया भोजन
ईद-उल-फित्र के मौके पर गढ़ा काजी मोहल्ला में हाजी मोहम्मद रसूल उस्मानी ने पूरे दिन गरीबों और यतीमों को शुद्ध शाकाहारी भोजन कराया, जिससे समाज में भाईचारा और इंसानियत का संदेश गया। साथ ही पठान फाउंडेशन ने ईद-उल-फितर के मौके पर समाज में भाईचारा, अमन-चैन और खुशहाली बढ़ाने का संदेश दिया। फाउंडेशन ने एकता और सहयोग की अहमियत पर जोर देते हुए लोगों को इस त्योहार की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर पठान फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी इसरार अहमद, रफीक खान, कलीम पठान, पप्पी खान, सलीम खान, बून, रिजवान खान, एडवोकेट शेख तबरेज, एडवोकेट सरफराज खान, चंगेज खान, मोईन खान, रईस खान सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
शहर में दिखी रौनक, मॉल, पार्क सब रहे फुल
ईद के मौके पर मुस्लिम बहुल इलाकों में खुशी का माहौल रहा। घरों में मीठी सेवइयों का दौर चलता रहा। लोगों ने अपने हिंदू मित्रों को दावत देकर आपसी भाईचारे को मजबूत किया। बच्चों ने ईदी पाकर मेले में झूलों और खाने-पीने की चीजों का आनंद लिया। इस दौरान भंवरताल से लेकर टैगोर गार्डन तक सभी जगह लोग त्यौहार और अवकाश का आनंद उठाते देखे गए। दिनभर शहर में रौनक बनी रही और जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न समाजों के लोगों ने ईद की मुबारकबाद दी। वही ईद के अवसर पर शहर में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुबह से ही ईदगाहों के आसपास सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए थे। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखी गई और पुलिस बल लगातार गश्त करता रहा। प्रशासन की सतर्कता और जनता के सहयोग से ईद का त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

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