नयी दिल्ली:प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना मधुमिता राउत का शनिवार सुबह हृदयाघात के कारण निधन हो गया।वह मायाधर राउत की पुत्री थीं, जिन्होंने शास्त्र आधारित ज्ञान के माध्यम से 1950 के दशक में ओडिसी नृत्य के पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। ओडिसी नृत्य को बढ़ावा देने के लिए राउत को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए थे।
मधुमिता राउत ने भारत, आयरलैंड, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, नीदरलैंड, जर्मनी, बेल्जियम, हंगरी, ऑस्ट्रिया, स्पेन, मोरक्को, फ्रांस, पुर्तगाल, जापान और अमेरिका के प्रमुख नृत्य समारोहों में भाग लिया था।उनकी रचनाओं में कविता पर आधारित नृत्य, गोएथे की कविताओं पर आधारित नृत्य रचनाएँ और नीदरलैंड में बाली की नृत्यांगना दीया तांत्री के साथ फ्यूजन नृत्य शामिल हैं। उन्होंने नृत्य को सामाजिक कार्यों के लिए एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया था।
