सतना: जिला चिकित्सालय में मरीजों के प्रति बरती जाने वाली संवेदनहीनता की तस्दीक इसी बार से की जा सकती है कि शुक्रवार को एक गंभीर मरीज और पूर्व विधायक को रेफर किए जाने के बाद भी समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। मामले को संज्ञान में लेते हुए जब सांसद ने फटकार लगाई तब कहीं जाकर स्वास्थ्य अमला सक्रिय हुआ।प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को चित्रकूट के पूर्व विधायक गणेश बारी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सांसद गणेश सिंह द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को जब सांसद पूर्व विधायक को देखने अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर करने की सलाह दी। डॉक्टरों के निर्देश पर तत्काल एम्बुलेंस बुलाने को कहा गया, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक एम्बुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान सांसद सहित पूर्व विधायक के परिजन अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे।
एम्बुलेंस के समय पर न पहुंचने से नाराज सांसद गणेश सिंह ने अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आरएमओ डॉ. शरद दुबे और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एलपी सिंह से चर्चा की। इसके बाद सांसद ने एम्बुलेंस कोऑर्डिनेटर को फोन पर फटकार लगाई और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
गुमराह करता रहा कॉर्डिनेटर
कोऑर्डिनेटर ने गुमराह तक करने की कोशिश की बताया जाता है कि देरी के बावजूद कोऑर्डिनेटर ने सांसद को ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिलिंग के नाम पर गुमराह करने की कोशिश की। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सांसद और पूर्व विधायक जैसे जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह की लापरवाही हो सकती है, तो आम मरीजों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
