जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता के अनुकंपा नियुक्ति दावे का निराकरण करने के निर्देश दिये है। इसके लिये न्यायालय ने 120 दिन की मोहलत प्रदान की है।याचिकाकर्ता उमरिया निवासी देनानंद बैगा की ओर से अधिवक्ता एसडी गुप्ता व कपिल गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पिता मोहनलाल बैगा की 11 अगस्त 1995 को मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी संभाग कटनी में लाइन परिक्षेत्र श्रेणी-दो में नियुक्ति हुई थी।
21 सितंबर 2021 को उनकी मृत्यु हो गई। वे अपने पीछे पत्नी के साथ चार पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गए। परिवार के सभी सदस्य बेरोजगार हैं। आय का कोई साधन नहीं है। याचिकाकर्ता पिता की आय पर ही निर्भर था। पिता के न रहने के बाद से भूखों मरने की नौबत आ गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि पेंशन तक नहीं मिल रही है। फंड आदि की राशि भी नहीं दी गई है। इसीलिए पेंशन, फंड की राशि और अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है।
