जयपुर, 20 मार्च (वार्ता) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि भगवान झूलेलाल ने समाज को न्यायप्रिय बनने का मार्ग दिखाया और सिंधी समाज ने कठिन परिस्थितियों से गुजरते हुए अपनी मेहनत और ईमानदारी से समाज, राज्य और देश की प्रगति के लिए अनुसरणीय कार्य किया हैै।
श्री शर्मा आज भगवान श्री झूलेलाल के अवतरण दिवस के अवसर पर जयपुर स्थित चौगान स्टेडियम में आयोजित ‘चेटीचंड महोत्सव’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सिन्धी समाज को पुरुषार्थी और स्वाभिमानी बताते हुए कहा कि इस समाज ने अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर न केवल स्वयं को स्थापित किया, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि इस समाज ने कर्म को ही पूजा माना और वे अपने कर्म एवं मेहनत से आगे बढ़े। उन्होंने आह्वान किया कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिए सभी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। श्री शर्मा ने कहा कि भगवान झूलेलाल मानवता के रक्षक थे। उन्होंने बिना शस्त्र उठाए, केवल प्रेम, सत्य और साहस के बल पर अत्याचार को परास्त कर समाज को जल की तरह शीतल और न्यायप्रिय बनने का मार्ग दिखाया।
उन्होंने कहा कि चेटीचंड विजय का उत्सव तथा सत्य की असत्य और मानवता की क्रूरता पर जीत का प्रतीक है। यह पर्व एक धार्मिक आयोजन होने के साथ ही सद्भाव, सामाजिक एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। श्री शर्मा ने कहा कि सिन्धी समाज ने विभाजन के दौरान अपनी जमीन, घर खोने के बावजूद हौसला और मेहनत को कभी कम नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि व्यापार, उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा के हर क्षेत्र में सिन्धी समाज बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को पूरा करने में सिन्धी समाज अपनी प्रतिभा और सामुदायिक भावना से अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। हम सभी को मिलकर ऐसे राज्य का निर्माण करना है जहां हर नागरिक का सम्मान, हर बच्चे को अवसर और हर परिवार को खुशहाली मिले। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाई।
