
रीवा। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने म.प्र. पेयजल परिरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2022 की धारा-3 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए रीवा जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करने का आदेश जारी किया है.
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 15 जुलाई 2026 या वर्षा के आरंभ तक प्रभावी रहेगा. जारी आदेश के अनुसार जिले में इस वर्ष सामान्य औसत वर्षा से कम वर्षा हुई है. सिंचाई आदि कार्यों में भू-गर्भीय जल के अत्यधिक दोहन के कारण पेयजल स्त्रोतों के जल स्तर में कमी आई है. जिसके कारण जिले के सभी विकासखण्डों एवं नगरीय क्षेत्रों में नलकूपों और अन्य जल स्रोतों के जल स्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है जिससे जिले में पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होने की आशंका है. पेयजल संकट की स्थिति को देखते हुए कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड रीवा द्वारा नलकूप खनन में पूणर्त: प्रतिबंध लगाने की अनुशंसा की गई है. जारी आदेश के अनुसार जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पूर्व अनुमति के नवीन नलकूप खनन पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है. कोई भी व्यक्ति एवं प्राइवेट ठेकेदार बिना अनुमति नलकूप खनन नहीं करेगा. यह आदेश सरकारी नलकूप खनन कार्यों पर लागू नहीं होगा. नदी, नालों, स्टॉपडैम और सार्वजनिक कुओं के जल को केवल घरेलू और पेयजल प्रयोजनों के लिए सुरक्षित कर दिया गया है.
