
इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारम्भ अवसर पर इंदौर में निपानिया में आयोजित कार्यक्रम में कहा
“जैसे रक्तवाहिनी हमें जीवन देती है वैसे ही प्रकति पर जल जीवन के लिए चैतन्य अमृत है।” इसलिए मन में पवित्र भाव लाकर जल का उपयोग करें। जीवन को सफल बनाने के लिए जल संरक्षण आने वाली पीढ़ी के लिए सबसे सर्वोत्तम तत्व होगा। जल संरक्षण आज के दौर में सबसे आवश्यक है। मप्र शासन इस दिशा में जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उस लक्ष्य को प्राप्त करने में जनभागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। अब से पूरे तीन माह तक सभी संभाग, जिलों, नगरों पंचायतों में कार्य किये जायेंगे। गूड़ी पढ़वा से गंगा दशमी तक चलने वाले इस पवित्र अभियान में धरती माता के आँचल में जल समर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संवर्धन के लिए शपथ भी दिलाई।
