सतना :मुंबई से गोरखपुर की यात्रा कर रहा युवक जब घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने खोजबीन शुरु की. वहीं दो दिन बाद उसका शव सतना नदी में उतराता नजर आया. माना जा रहा है कि ट्रेन में यात्रा के दौरान नदी में गिरने के कारण युवक की मौत हो गई होगी.तारा मंडल रामगढ़ गोरखपुर उप्र निवासी राजबीर के छोटे भाई वीरभद्र विशाल उम्र 22 वर्ष मुंबई में पेंटिंग का काम करते थे. वे लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर मुंबई से वापस घर आ रहे थे.
राजबीर के अनुसार 16 फरवरी तक उनकी छोटे भाई से बात हुई. लेकिन उसके बाद से अचानक फोन स्विच ऑफ बताने लगा. जिसे देखते हुए परिजनों को चिंता होने लगी. वहीं दूसरी ओर बुधवार की दोपहर सतना नदी पुल की ओर गए कुछ रेल कर्मियों को नदी में एक शव उतराता नजर आया. जिसकी सूचना उन्होंने फौरन पुलिस को दे दी. मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नदी में उतरा रहे शव को बाहर निकलवाया. मृतक के जेब में मोबाइल मिला.
जिसकी सिम निकालकर पुलिस ने दूसरे मोबाइल में लगाया और परिजनों के नंबर खोजने शुरु किए. इसी दौरान बड़े भाई राजबीर का फोन आ गया. जिसके चलते पुलिस ने राजबीर को घटना के बारे में बताया. जानकारी मिलने पर राजबीर फौरन ही गोरखपुर से सतना के लिए रवाना हो गए. शव की पहचान वीरभद्र विशाल के तौर पर होने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया. गौरतलब है कि इससे पहले भी रेल यात्री की सतना नदी में गिरने से मौत की घटना सामने आ चुकी है. उक्त मामले में मृतक की तलाश को लेकर पुलिस द्वारा कटनी से सतना के बीच सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया था. लेकिन कहीं कोई पता नहीं चलने के बाद मोबाइल की अंतिम लोकेशन के आधार पर सतना नदी में गोताखोरों को उतारा गया था.
सतना में हुआ अंतिम संस्कार
दो दिन से नदी में पड़े होने के कारण शव की स्थित काफी खराब हो चुकी थी. जिसे गृह ग्राम ले जाना खासा मुश्किल हो गया. जिसे देखते हुए कुछ स्थानीय समाज सेवियों ने राजबीर की मदद की और मृतक का अंतिम संस्कार सतना में ही करा दिया गया. जिसके बाद राजबीर अस्थियां लेकर गृह ग्राम के लिए रवाना हो गए. वहीं पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज कर घटना के संबंध में विवेचना की जा रही है
