जबलपुर: कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने यातायात सुरक्षा को लेकर कलेक्ट्रेट सभागर में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें पिछली बैठक में दिये गये निर्देशों के पालन प्रतिवेदनों पर चर्चा कर कहा कि जहां-जहां ट्राफिक सिग्नल लगाने के निर्देश दिये गये थे, उन्हें 31 मार्च तक पूर्ण कर लें। बैठक में बताया गया कि जनवरी और फरवरी में 674 दुर्घटनाएं घटित हुई जिसमें 11 की मृत्यु हुई तथा 779 घायल हुए। जिनमें सबसे ज्यादा रानीताल में घटनाएं घटित हुई।
कलेक्टर ने कहा कि रानीताल, बल्देवबाग और उखरी तिराहा पर 10 दिन के अंदर ट्राफिक सिग्नल लगायें। फ्लाई ओव्हर पर भी सुरक्षा के मापदंड सुनिश्चित करें। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। इसके साथ ही बायपास रोड पर अंधमूक चौराहे सहित शहर के सभी प्रवेश मार्गो की सर्विस रोड पर हुये अतिक्रमणों को हटाने तथा भारी वाहनों की अवैध पार्किंग को प्रतिबंधित करने का निर्णय बैठक में लिया गया। बैठक में नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार, एडीशनल एसपी ट्राफिक अंजना तिवारी सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
सड़क -चौराहे पर खड़ी हुई बस तो लगेगा 10 हजार जुर्माना
बैठक में आईएसबीटी चौराहा और सड़कों पर बसों के खड़े होने पर 10 हजार रूपये अर्थदण्ड लगाने के निर्देश भी दिये। वहीं ऑटो रिक्शा के अनियंत्रित संचालन पर समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान पार्किंग की समस्या का स्थाई समाधान करने और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करने के निर्देश दिये गये।
सभी ट्रांसपोटर को करें चंडालभाटा शिफ्ट
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 41 ब्लैक स्पॉट हैं, जिन्हें दूर करने के आवश्यक उपाय सुनिश्चित करें। बैठक में कहा कि जीवन की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करते हुए सड़क पर खड़े दो पहिया वाहनों को हटाया जाये। सभी ट्रांसपोटरों को बल्देवबाग से चंडालभाटा शिफ्ट किया जाये। डिवाईडर के साथ चौराहों का मानक अनुसार विकास सुनिश्चित किया जाये।
