नयी दिल्ली, 18 मार्च (वार्ता) राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल मणिपुर में असम राइफल्स के ट्रक पर हुए हमले के मामले में प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) आतंकवादी संगठन के तीन कैडरों के खिलाफ बुधवार को आरोप पत्र दायर किया।
इस हमले में अर्धसैनिक बल के दो जवान शहीद हो गए थे।
इम्फाल स्थित एनआईए विशेष अदालत के समक्ष दायर आरोप पत्र में तीनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), शस्त्र अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान निवारण अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत नामित किया गया है।
आरोपियों की पहचान थोंगराम सदानंद सिंह उर्फ नगाचिक उर्फ पूरकपा, खुंदोंगबाम ओजी मैतेई उर्फ कैलाल और इरेंगबम जुगिंद्र मैतेई उर्फ जुगिन मैतेई के रूप में हुई है। सभी मणिपुर के निवासी हैं। उन्हें पहले ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि 33 असम राइफल्स के ट्रक पर यह कथित हमला सितंबर 2025 में मणिपुर के बिष्णुपुर क्षेत्र के नामबोल सबल लेकाई में हुआ था।
एनआईए के अनुसार, यह हमला पीएलए कैडरों द्वारा जनता के बीच आतंक फैलाने और देश को अस्थिर करने के इरादे से भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के तहत किया गया था।
जांच से पता चला है कि हमले के दिन, निषिद्ध हथियारों और विस्फोटकों से लैस पीएलए कैडर नामबोल सबल लेकाई क्रॉसिंग पर इकट्ठा हुए थे और ट्रक पर हमला किया था। इस हमले में वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके परिणामस्वरूप असम राइफल्स के दो जवानों की मौत हो गई थी और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
एनआईए ने नवंबर 2025 में स्थानीय पुलिस से जांच अपने हाथ में ली थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
