विल्नुस 14 अगस्त (वार्ता) भारी बारिश से मची तबाही के कारण लिथुआनिया में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी गयी है। भारी बारिश के कारण लिथुआनिया में फसलें बर्बाद हो गयी हैं और खेतों में जलभराव हो गया है।
सरकार ने बुधवार को आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा कि इससे अधिकारी बहुत सारे प्रोटोकॉल से बच पायेंगे और तेजी से प्रभावी फैसले ले सकेंगे। इससे किसानों को फसल बचाने और खेती करने में प्रभावी मदद मिल पायेगी।
चौदह नगर निगमों ने राष्ट्रव्यापी आपातकाल से पहले ही स्थानीय आपात की घोषणा कर दी थी।
सरकार ने बताया कि लंबे समय से हो रही बारिश के कारण 50 से 70 प्रतिशत तक फसलें बर्बाद हो गयी हैं और अभी खेतों में पानी भरे होने के कारण किसान अनुबंधित समय सीमा के अनुसार शुक्रवार तक नयी फसल बो पाने की स्थिति में नहीं हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जून और जुलाई में हुई बारिश राष्ट्रीय स्तर पर अब तक कि दूसरी सबसे भारी बारिश है। इससे अधिक बारिश केवल 2007 में हुई थी। उन्होंने बताया कि खेतों में इतना अधिक पानी भर गया है कि थोड़ी सी भी बारिश नयी बाढ़ लेकर चली आती है।
कृषि उपमंत्री एंड्रियस पालियोनिस ने मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान बताया कि आपातकालीन शक्तियां किसानों को इस मौसम में भी फसलों की कटायी जारी रखने की सुविधा प्रदान करेगा।
लातविया ने भी पिछले सप्ताह पाला, बारिश और बाढ़ के कारण कृषि आपात की घोषणा की थी। लातविया के संसदीय प्रवक्ता डाइगा मिएरीना ने चेतावनी दी है कि खराब फसल के कारण खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
