नयी दिल्ली 18 मार्च (वार्ता) पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उनके बारे में राज्यसभा में हल्के फुल्के अंदाज में बुधवार को की गयी टिप्पणी का उसी अंदाज में एक बयान के माध्यम से जवाब देते हुए कहा कि उनका कांग्रेस के साथ ‘जबरन विवाह ‘ था जिससे उन्हें ‘तलाक’ लेना पड़ा।
श्री खरगे ने राज्यसभा में कुछ सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने पर उनकी विदाई पर अपने संबोधन में श्री देवेगौड़ा का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने ‘मोहब्बत तो हमारे साथ की लेकिन शादी मोदी साहब’ के साथ कर ली। उन्होंने ऐसा क्यों किया इसका कारण मालूम नहीं है। श्री देवेगौड़ा उस समय सदन में मौजूद नहीं थे। उन्होंने बाद में एक बयान जारी कर कहा ,” मेरे प्रिय और लंबे समय से मित्र, श्री मल्लिकार्जुन खरगे ने आज संसद में हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की कि मैं उनके (कांग्रेस) साथ “प्रेम” में था लेकिन अंततः मोदी जी (भाजपा) से “विवाह” कर लिया। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने ऐसा क्यों किया, इसका कारण उन्हें ज्ञात नहीं है। जब श्री खरगे ने यह कहा, उस समय मैं सदन में उपस्थित नहीं था क्योंकि मुझे कल के उगादी समारोह में शामिल होने के लिए बेंगलुरु जाना पड़ा।”
उन्होंने बयान में कहा ,” यदि मैं अपने मित्र को विवाह की ही भाषा में उत्तर दूं तो मैं कहना चाहूंगा कि मैं कांग्रेस के साथ “जबरन विवाह” में था, लेकिन उनके अपमानजनक संबंधों के कारण मुझे उनसे “तलाक” लेना पड़ा।”
श्री देवेगौड़ा ने बयान में 2018 में कर्नाटक के राजनीतिक हालात का उल्लेख किया और कहा कि 2019 में कांग्रेस ने ही उनकी पार्टी का साथ छोड़ दिया था। श्री देवेगौड़ा ने कहा कि यदि कांग्रेस ने उस समय उनका साथ दिया होता तो आज श्री खरगे की कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में स्थिति बेहतर होती।
उन्होंने कहा ,” मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि मैंने कांग्रेस गठबंधन नहीं छोड़ा। वे ही दूर चले गए। उन्होंने मुझे कोई विकल्प नहीं छोड़ा सिवाय इसके कि मैं उनसे “तलाक” लेकर एक अधिक स्थिर गठबंधन की तलाश करूँ।”
