
सलकनपुर। चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ सलकनपुर धाम में उमडऩे वाली भारी श्रद्धालु भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. मंदिर परिसर से लेकर मार्ग तक कड़ी निगरानी, लगभग 200 जवानों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे और विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन मिल सकें.
चैत्र नवरात्रि पर्व के अवसर पर सलकनपुर धाम में हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और मंदिर समिति द्वारा संयुक्त रूप से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है.मंदिर परिसर, सीढ़ी मार्ग और पार्किंग स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा. एसडीओपी बुधनी रवि शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगभग 200 पुलिस जवानों की ड्यूटी दिन-रात दोनों शिफ्टों में लगाई गई है. संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और पूरे क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया गया है.
भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर मार्ग पर विशेष यातायात योजना लागू की गई है. श्रद्धालु पूर्व की भांति निजी वाहनों से मंदिर तक पहुंच सकेंगे, लेकिन जाम की स्थिति से बचने के लिए वाहनों की आवाजाही को निर्धारित अंतराल में नियंत्रित किया जाएगा.
मंदिर परिसर में सुरक्षा के साथ-साथ अग्नि सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दुकानदारों को अग्निशमन यंत्रों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया है और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए दुकानों में गैस सिलेंडर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है.
इसके अलावा चोरी और चैन स्नैचिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. पानी की टंकी और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा घेरा बढ़ाया गया है. पुलिस और प्रशासन की टीमें व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रही हैं.
उधर, मां विजयासन मंदिर में नवरात्रि को लेकर भक्ति का माहौल भी चरम पर है. मंदिर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया है. नवरात्रि के नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में माता के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाएगी. देवीधाम पर प्रदेश ही नहीं अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां विजयासन देवी के दर्शन करने पहुंचेंगे.
भूतड़ी चैत्र अमावस्या पर आंवलीघाट में उमड़ा जनसैलाब
रेहटी. भूतड़ी चैत्र अमावस्या के पावन अवसर पर आंवलीघाट में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. तड़के से ही श्रद्धालुओं ने पुण्य सलीला नर्मदा नदी में स्नान-दर्शन शुरू कर दिया, जो दिनभर जारी रहा.’नर्मदे हरÓ के जयघोष से पूरा घाट क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया. चैत्र नवरात्रि से पूर्व अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है. इस दिन नर्मदा स्नान और दान-पुण्य करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और पापों का क्षय होता है. इसी आस्था के चलते आसपास के जिलों सहित दूरदराज क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु घाट पहुंचे. महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों ने श्रद्धा भाव से स्नान कर पूजा-अर्चना, दीपदान और दान-पुण्य किया. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए. नर्मदा घाट पर 15 से 20 फीट तक बैरिकेडिंग कर सुरक्षित स्नान क्षेत्र बनाया गया. पुलिस, होमगार्ड, एसडीआरएफ और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की तैनाती रही.
