
सीधी। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ने कहा है कि वित्त वर्ष खत्म होने में मात्र 12 दिन बचे हैं, लेकिन सरकार अब भी बजट का 33% यानी लगभग एक लाख दस हजार करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाई है। सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि पूरे साल हाथ पर हाथ धरे बैठी सरकार अब आखिरी पखवाड़े में इस भारी भरकम राशि को अनाप-शनाप तरीके से ठिकाने लगाने की तैयारी में है। यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की बर्बादी है।
अजय सिंह ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार विकास के नाम पर ‘कर्ज पर कर्ज’ ले रही है, वहीं दूसरी तरफ बजट की राशि को सही समय पर खर्च करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। स्वास्थ्य, लोक निर्माण, कृषि और नवकरणीय उर्जा जैसे प्राथमिकता वाले विभागों में बजट का औसतन खर्च लगभग साठ प्रतिशत हुआ है|
उन्होंने कहा कि कर्ज का जाल बढ़ता जा रहा है। सरकार की आर्थिक हालत इतनी खराब है कि पिछले एक हफ्ते में ही 9,900 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया गया है। प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब पांच लाख दस हजार करोड़ रुपये के पार पहुँच चुका है। आने वाले समय में हर नागरिक पर कर्ज का भारी बोझ होगा।
सिंह का कहना है कि खुद नीति आयोग ने सरकार की बढ़ती उधारी और कम राजस्व वसूली पर सवाल उठाए हैं। कृषि और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी बजट का पूरा उपयोग न होना सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
यह सरकार प्रदेश को दिवालियापन की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बताना चाहिए कि आखिर जनता को कर्ज के दलदल में क्यों धकेला जा रहा है?
