छतरपुर: जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम में पिछले काफी समय से जंजीरों में जकड़े और दयनीय अवस्था में भटक रहे 25 वर्षीय सोनू रैकवार के जीवन में अब खुशहाली की नई किरण जागी है। समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा की संवेदनशीलता और न्यायालय के कड़े रुख के बाद, सोनू को बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर स्थित मानसिक आरोग्यशाला भेज दिया गया है। मूलतः ग्राम बसारी निवासी सोनू 10 साल पहले दिल्ली में मजदूरी करता था, जहाँ एक प्रेम प्रसंग में विफलता के कारण उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी।
सोनू के उग्र व्यवहार और गरीबी के कारण परिजन उसे बांधकर रखने को मजबूर थे। इस हृदयविदारक स्थिति पर जब समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा की नजर पड़ी, तो उन्होंने न केवल मानवीय धर्म निभाया बल्कि मामले को कानूनी जामा पहनाया। डॉ. शर्मा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती रानो बघेल के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने सोमवार को ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए अधीक्षक, मानसिक आरोग्यशाला ग्वालियर को निर्देशित किया कि सोनू को भर्ती कर उसका विशेषज्ञ उपचार किया जाए।
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सोनू के स्वास्थ्य की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर कोर्ट को भेजी जाए। आदेश के पालन में डॉ. संजय शर्मा ने व्यक्तिगत रुचि लेकर सोनू को सुरक्षित ग्वालियर पहुँचाया। स्थानीय नागरिकों ने इस सराहनीय पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। वर्तमान में सोनू ग्वालियर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में है, जहाँ उसके पूरी तरह स्वस्थ होने की प्रार्थना की जा रही है। समाज और कानून के इस साझा प्रयास ने एक उपेक्षित जीवन को नई दिशा देने का काम किया है
