सतना: जिले के एक मात्र सबसे बडे बल्लभभाई पटेल जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के लिए सरकारी तौर पर बनने वाले भोजन की अत्याधुनिक रसोई में एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित हो जाने से मंगलवार को ठेकेदार को चूल्हा जलाने के लिए विवश होना पड़ा.घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने पर सक्रिय हुए जिले के अमले ने इस मामले में ठेकेदार को नोटिस देने का निर्णय लिया है. एलपीजी गैस की कमी से जूझ रहे लोगों की तरह ही सरकारी नियंत्रण में चल रही भोजन की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. बताया जाता है कि जिला चिकित्सालय की रसोई में पिछले कई दिनों से कुकिंग गैस का आभाव चल रहा था.
जिम्ंमेदार लोगों ने कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में मदद भी मागी लेकिन जब इसका कोई समाधान नहीं निकला तो मजबूर होकर मंगलवार को मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था प्रभावित न हो इसके लिए चूल्हा जलाने के लिए विवश होना पड़ा. इस घटनाक्रम को जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने जब संज्ञान लिया तो उन्हें यह जानकारी मिली की मरीजों का भोजन बनाने वाले ठेकेदार ने कार्मसियल सिलेण्डर के बजाय घरेलू गैस से ही भोजन बनाने की व्यवस्था कर रखी थी. घरेलू गैस वितरण की व्यवस्था अस्त व्यस्त होने के कारण अस्पताल की रसोई का चूल्हा नहीं जल पाया. अन्तत: मरीजों को समय पर भोजन मिल सके इसके लिए अस्पताल परिसर में ही रसोई के बाहर लकड़ी का अस्थाई चूल्हा बनाकर भोजन पकाने की व्यवस्था की गई.
आपूर्ति अधिकारी पर प्रश्न चिन्ह
पिछले दिनों जिला आपूर्ति अधिकारी को कलेक्टर डा. सतीश एस ने नोटिस देकर सीएम हेल्प लाइन के मामलों में लापरवाही वरतने का दोषी माना था. उन्हें जारी नोटिस में 3 दिवस के अन्दर जवाव देने का अवसर दिया गया था. बताया गया है कि अवधि बीत जाने के बाद भी आपूर्ति अधिकारी ने किसी प्रकार का उत्तर नहीं दिया. दूसरी तरफ जिले में कुकिंग गैस की चल रही बड़े पैमाने पर काला बाजारी को रोकने के निर्देश भी कलेक्टर ने कई बार खाद्य विभाग के अधिकारी को दिये. लेकिन उनकी तरफ से जिले में अभी तक कहीं कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई . बताया गया है कि जिले भर में बड़े पैमाने पर उज्जवला गैस कनेक्शन की कापी लेकर गैस माफिया एजेंसी से सीधे सिलेण्डर हासिल कर बढ़ी हुई कीमतों में बारातघर, होटल व ढाबा संचालकों को उपलब्ध करा रहे हैं. प्रशासन माफियाओं की इस कड़ी को जिले में तोडऩे में अभी तक कामयाब नहीं हो पाया है
