इंदौर:मध्य प्रदेश में अध्यापक एवं सहायक अध्यापक संवर्ग के कई कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने का मामला सामने आया है. इंदौर जिले के देपालपुर विकासखंड सहित अन्य क्षेत्रों में भी आवंटन समाप्त होने के कारण वेतन भुगतान लंबित बताया जा रहा है.कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, इंदौर द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय को आवंटन समाप्त होने की सूचना भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है.
इसके चलते दिसंबर 2025, जनवरी 2026 और फरवरी 2026 का वेतन भुगतान नहीं हो पाया है, वहीं मार्च माह का वेतन भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. शिक्षक संगठनों का कहना है कि शासन के नियमों के अनुसार प्रत्येक लोक सेवक को अगले माह की पहली तारीख तक वेतन भुगतान किया जाना अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है. वेतन न मिलने से शिक्षकों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. वेतन के अभाव में कई शिक्षक अपने बैंक ऋण की किश्त समय पर जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें डिफॉल्टर की श्रेणी में डाला जा रहा है. साथ ही बच्चों की शिक्षा और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है.
वेतन से वंचित रखना न्याय संगत नहीं
शिक्षक प्रतिनिधियों ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के वेतन रोकना अनुचित है. उनका तर्क है कि निलंबित कर्मचारियों को भी जीवन निर्वाह भत्ता मिलता है, ऐसे में कार्यरत शिक्षकों को वेतन से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है.
शीघ्र जारी करने की मांग
प्रांतीय संयोजक शिववीर सिंह भदौरिया सहित शिक्षक संगठनों ने मुख्य सचिव और स्कूल शिक्षा विभाग से शीघ्र आवंटन जारी करने की मांग की है. उन्होंने अनुरोध किया है कि लंबित वेतन का एरियर भुगतान कर अप्रैल 2026 से नियमित वेतन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके
