शिवकथा में बेटियों के महत्व को सुन भावुक हुए श्रोता

भैंसदेही। आज नगर के प्राचीन शिवालय में आयोजित हो रही शिवकथा में कथावाचक सुश्री जया देवी ने शिव विवाह के माध्यम से अद्भुत कथा प्रस्तुत की,एक ओर भूत-भावन भगवान आशुतोष के अनूठे विवाह की सुंदर प्रस्तुति ने श्रोताओं को रोमांचित किया तो वहीं परिवार और समाज में बेटियों के महत्व को सुंदर प्रतिपादन करते हुए बड़ी संख्या में शिवकथा सुनने पहुंचे श्रद्धालुओं श्रोताओं को भावुक कर भावविभोर कर दिया ।कथा में प्रसंग था ,हिमालय राज की पुत्री पार्वती के शिव विवाह की बिदाई का जिसे कथा वाचक जया देवी ने बड़े मार्मिक ढंग से प्रस्तुत कर कथा पांडाल में एक सम्मोहित करने वाला वातावरण निर्मित कर दिया,माता मैना के पुत्री प्रेम औघड़ दानी शिव जैसे वर के पार्वती को प्राप्त होने वाले सुंदर प्रसंग के माध्यम से एक मां अपनी बेटी को बिदाई के समय जो शिक्षा देती है और उसकी मनोदशा का सुंदर चित्रण कथा के माध्यम से किया ,और कवि कुल के सशक्त हस्ताक्षर कवि संजय सिंह की कविता एक बात पूछती हूं बताओ ना बाबु जी प्रस्तुत कर श्रोताओं की आंखों को जलमग्न कर बेटियों के महत्व का सुंदर निरुपम तथा उनकी परिवार और समाज में आवश्यकता

क्यों सर्वोपरि है,उसका सुंदर संदेश आज पूर्णा नगरी के आधार आध्यात्मिक ऊर्जा के केन्द्र प्राचीन शिवालय में दिया। जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।

 

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