
भोपाल। वफादारी और साहस का अनोखा उदाहरण पेश करते हुए दो आवारा कुत्तों ने कालियासोत क्षेत्र में बाघ के हमले से एक डंपर चालक की जान बचा ली। यह घटना 15 मार्च की तड़के अनन तारा हिल्स के पास स्थित एक फार्म हाउस के नजदीक हुई।
डंपर चालक करण सिंह सिसोदिया और उसका सहयोगी कृपाल सिंह रात करीब ढाई बजे एक किसान के घर रेत खाली करने पहुंचे थे। डंपर से उतरते ही सिसोदिया ने देखा कि वहां मौजूद दो कुत्ते अचानक तेज़ी से आगे की ओर दौड़े। डंपर की रोशनी में कुछ ही दूरी पर एक बाघ खड़ा दिखाई दिया, जिससे खतरे की स्थिति बन गई।
खतरे को भांपते हुए दोनों कुत्तों ने जोर-जोर से भौंकना शुरू किया और बाघ को घेरकर उसे भगाने की कोशिश की। इस दौरान कुछ समय के लिए दोनों के बीच संघर्ष हुआ, जिसमें एक कुत्ते की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए डंपर का हार्न बजाया, जिससे बाघ का ध्यान भटका और वह जंगल की ओर भाग गया।
फार्म हाउस के चौकीदार अनिल दुबे ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले भी बाघ दिखाई देता रहा है, लेकिन उसने कभी किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया।
घायल कुत्ते को अगले दिन उपचार के लिए पशु चिकित्सक डॉ सुनील तोमरिया के पास ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि कुत्ते वास्तव में इंसान के सबसे वफादार साथी होते हैं।
