
बैतूल। पेयजल संकट और बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश आज सड़कों पर खुलकर सामने आया।
भैंसदेही विकासखंड की विजयग्राम पंचायत के नीमढाना गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने बैतूल-अमरावती स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास शुरू किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से भीषण पेयजल संकट बना हुआ है। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। महिलाओं और बच्चों को दूर-दूर तक पानी लाने के लिए जाना पड़ता है। इसके अलावा गांव की सड़कें भी जर्जर हालत में हैं, जिससे आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और बदतर हो जाती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार पंचायत और संबंधित विभागों को शिकायतें दीं, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसको लेकर उन्होंने सरपंच और सचिव पर लापरवाही के आरोप भी लगाए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत कार्यालय अक्सर बंद रहता है और शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं होती।
कुछ दिन पहले आक्रोशित ग्रामीण ट्रैक्टरों में भरकर झल्लार थाने पहुंचे थे, जहां उन्होंने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए 17 मार्च को चक्काजाम की चेतावनी दी थी। चेतावनी के बाद प्रशासन ने गांव में एक बोरवेल जरूर खुदवाया, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
एक दिन पहले ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बैतूल दौरे के दौरान कहा था कि सरकार की प्राथमिकता हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। इसके बावजूद अगले ही दिन ग्रामीणों का पानी के लिए सड़क पर उतरना प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक पेयजल और सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
