साहित्य अकादेमी पुरस्कारों की घोषणा, ममता को हिंदी और प्रीतपाल को उर्दू के लिए चुना गया

नयी दिल्ली, 16 मार्च (वार्ता) वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया को हिंदी में उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए वर्ष 2025 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार दिया जायेगा।

साहित्य अकादेमी ने सोमवार को 24 भाषाओं में 2025 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार देने की घोषणा की। अकादेमी के अनुसार, उर्दू के लिए प्रीतपाल सिंह ‘बेताब’ को उनके काव्य संग्रह ‘सफर जारी है’ और भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी नवतेज सरना को अंग्रेजी के लिए उनके उपन्यास ‘क्रिमसन स्प्रिंग’ के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।

साहित्य अकादेमी की सचिव पल्लवी प्रशांत होलकर ने बताया कि ये पुरस्कार 31 मार्च को यहां एक समारोह में प्रदान किये जायेंगे। पुरस्कार में ताम्रपलक, शॉल और एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी।

राजस्थानी भाषा में श्री जितेंद्र कुमार सोनी को उनके कहानी संग्रह भरखमा, मैथिली में श्री महेंद्र को उनके संस्मरण ‘धात्री पात सन गाम’ के लिए, पंजाबी में श्री जिंदर को उनके कहानी संग्रह ‘सेफ्टी किट, संस्कृत में श्री महामहोपाध्याय साधु भद्रेश दास ‘प्रस्थानचतुष्टये ब्रह्मघोष:’ तथा मराठी में श्री राजू बाविस्कर को उनकी आत्मकथा ‘कालयानिलया रेषा’ के लिए यह पुरस्कार दिया जायेगा।

पुरस्कार के लिए चुने गये अन्य भाषाओं के साहित्यकारों में असमिया में श्री देवव्रत दास को उनके उपन्यास ‘कड़ि खेलर साधु,’ बांग्ला में श्री प्रसून बंद्योपाध्याय को उनके कविता संग्रह ‘श्रेष्ठ कविता’, बोडो में सहायसुलि ब्रह्म को उपन्यास ‘दोनै लामा: मोनसे गाथोन’, डोगरी में खजूर सिंह ठाकुर को कविता दोहे के संग्रह ‘ठाकुर सतसई’, गुजराती में योगेश वैद्य को उनके कविता संग्रह ‘भट्ट खडकी’, कन्नड़ में अमरेश नुगडोनी को कहानी संग्रह ‘दडा सेरिसु तंदे’, कश्मीरी में अमरेश नुगडौणी को कविता ‘नजदावनेकी पॉट अलाव’ के लिए प्रदान किया जायेगा।

इनके अलावा कोंकणी भाषा में हेनरी मेंडोंका (एचेम पेसनाल) को उनके आलोचनात्मक निबंध “कोंकणी काव्य: रूप आनी रूपकां, मलयालम भाषा में एन. प्रभाकरण को उनके उपन्यास ‘मायामानुश्यर’, मणिपुरी भाषा में हाओबाम नलिनि को उनके कहानी-पुस्तक ‘कंगलमद्रीब इफुत’, नेपाली भाषा में प्रकाश भट्टराई को उनके निबंध ‘नेपाली पारम्परिक संस्कृति र सभ्यताको बुकटी’, ओड़िया भाषा में गिरिजाकुमार बलियारसिंह को उनकी कविता-पुस्तक ‘पदपुराण’, को भी पुरस्कार देने के लिए चुना गया है।

संताली भाषा में सुमित्रा सोरेन को उनकी कहानी-पुस्तक ‘मिड बिर्ना चेनने साओन इनाग सागई’, सिंधी भाषा में भगवान अटलानी को उनकी कहानी-पुस्तक ‘वाघू’, तमिल भाषा में सा तमिलसेलवन को उनकी साहित्यिक आलोचना-पुस्तक ‘तमिल सिरुकथैयिन थडंगल’, और तेलुगु भाषा में नंदिनी सिद्धरेड्डी को उनकी कविता-पुस्तक ‘अनिमेष’ के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है।

 

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