अशोकनगर: मिडिल इस्ट में चल रहे युद्ध के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने लगा और इसका असर गैस की किल्लत के रूप में देखने को मिल रहा। जिसके चलते जहां आम लोग रसोई गैस सिलेंडर के लिए परेशान होते दिख रहे है, तो वहीं गरीब, असहाय और दिव्यांगों को भोजन कराने वाली करूणा निधि समिति भी इस समस्या से जूझ रहीं है। जिसके चलते समिति द्वारा गरीबों में भोजन वितरण के लिए चूल्हे पर खाना बनवाया जा रहा है।
करुणानिधि सेवा समिति के अध्यक्ष माधव सिंह रघुवंशी ने बताया कि उनकी समिति का वर्ष 2016 में रजिस्टर्ड किया था. जिसके चलते वे गरीब असहाय, दिव्यांग निशक एवं वृद्ध जनों को सूर्यास्त के बाद निशुल्क भोजन कराती है। भोजन पकाने के लिए उन्हें रसोई गैस सिलेंडर के सिलेंडर की आवश्यकता थी, लेकिन एजेंसी संचालक ने देने से मना कर दिया। कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन हर बार कुछना कुछ बाजी करके संस्था के नाम गैस कनेक्शन नहीं दिया गया। जिसके बाद संस्था के सदस्य अपने घरों से बारी-बारी से सिलेंडर ले जाकर भोजन पकचा थे, लेकिन अब सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण समिति का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें उनकी समिति के नाम पर गैस कनेक्शन दिया जावे, जिससे गरीवों का भोजन बंद ना हो।
12 सौ से 15 सौ में मिल रहा सिलेंडर
गैस की किल्लत के चलते कालाबाजारी जोरो पर है, जिसके चलते जरूरतमंद लोगों को सिलेंडर 1200 रूपये से लेकर 1500 रुपये में दिया जा रहा है।
