नयी दिल्ली, 23 सितम्बर (वार्ता) पूर्व भारतीय स्पिनर आर अश्विन, बिग बैश लीग (बीबीएल) में खेलने वाले पहले पुरूष भारतीय कैप्ड खिलाड़ी बन सकते हैं। बीबीएल के चार क्लब आगामी सत्र के आख़िरी चरणों के लिए उनकी सेवाएं लेना चाहते हैं। इन टीमों के नाम सिडनी थंडर, सिडनी सिक्सर्स, ऐडिलेड स्ट्राइकर्स और होबार्ट हरिकेंस हैं, जिसमें थंडर और हरिकेंस दौड़ में सबसे आगे हैं। इस सप्ताह के अंत तक यह डील फाइनल हो सकता है। भारत का कोई भी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी अब तक बीबीएल में नहीं खेला है।
बीसीसीआई केवल संन्यास ले चुके खिलाड़ियों को ही विदेशों की टी20 लीग्स में खेलने की अनुमति देता है। इस साल के शुरू में दिनेश कार्तिक ने एसए20 में पार्ल रॉयल्स के लिए खेला था। इससे पहले 2023 में अंबाती रायुडू सीपीएल में सेंट किट्स एंड नेविस पैट्रिएट्स के लिए और फिर जनवरी 2024 में एमआई एमिरेट्स के लिए आईएलटी20 में खेल चुके हैं। इसी सीजन में रॉबिन उथप्पा और युसूफ़ पठान दुबई कैपिटल्स का हिस्सा थे। वहीं दो साल पहले अबु धाबी टी10 में सुरेश रैना, डेक्कन ग्लैडिएटर्स का हिस्सा थे।
अश्विन पहले ही यूएई में होने वाली आईएलटी20 नीलामी का हिस्सा हैं, जो अगले मंगलवार को होगी। अगर वह खरीदे गए तो वह पूरा आईएलटी20 खेलेंगे, जो 2 दिसंबर से 4 जनवरी तक चलेगा।
बीबीएल 14 दिसंबर से शुरू होगा और फाइनल 20 जनवरी से 25 जनवरी के बीच हो सकता है। इसका मतलब है कि अश्विन किसी एक टीम के लिए सत्र के अंत में तीन-चार मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे और अगर वह टीम क्वालिफ़ाई करती है, तो फाइनल में भी खेल सकते हैं। ईएसपीएन क्रिकइंफो को पता चला है कि उनकी डील में 2026-27 का बीबीएल भी शामिल होगा।
बीबीएल क्लब अपने एकदाश में केवल तीन विदेशी खिलाड़ियों को ही खिला सकते हैं। लीग के प्री-सीजन नियमों और जून के ओवरसीज ड्राफ़्ट के जरिए हर क्लब पहले ही तीन विजेशी खिलाड़ियों को लॉक कर चुका है। इसके बाद सभी क्लब अतिरिक्त चार विदेशी रिप्लेसमेंट खिलाड़ियों को साइन कर सकते हैं। यानी उनके दल में कुल सात विदेशी खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं, लेकिन एक समय में केवल तीन ही खेल सकते हैं। लीग के आख़िरी हिस्से में अगर किसी टीम ने किसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को एसए20 के लिए रिलीज किया तो अश्विन एकादश में उनकी जगह ले सकते हैं।
लीग के नियमों के अनुसार रिप्लेसमेंट विदेशी खिलाड़ियों को भी ड्राफ्ट के लिए नामांकन करना होता है, जिसे अश्विन ने तब नहीं किया था क्योंकि उस समय उन्होंने आईपीएल से संन्यास नहीं लिया था। मगर ऐसी परिस्थितियों के लिए एक छूट यह है कि यदि किसी विदेशी खिलाड़ी के लिए परिस्थिति बदल गई हो, तो उसे बीबीएल में खेलने की अनुमति दी जा सकती है।
जो क्लब अश्विन को साइन करेगा, उसे अभी ही उनका वेतन, अपने ओवरऑल पर्स के भीतर फ़िट करना होगा। अधिकांश टीमों के पर्स पहले ही आवंटित हो चुके हैं। लेकिन संभव है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ एक अतिरिक्त मार्केटिंग एग्रीमेंट होगा, जो उस टीम के सैलरी कैप में नहीं गिना जाएगा, जो भी टीम अश्विन को लेगी।
टीमें एक विशिष्ट वर्ष में लीग की तकनीकी समिति की मंज़ूरी के साथ कैप से 5% अधिक भी जा सकती हैं, बशर्ते कि उसे तीन साल की अवधि में बैलेंस किया जाए।
