इंदौर: कल लोक अदालत में नगर निगम ने प्रदेश के शहरों में सबसे ज्यादा राजस्व आय अर्जित की है. शनिवार की लोक अदालत में इंदौर में करदाताओं ने न केवल सौ करोड़ से ज्यादा का कर अदा किया, बल्कि सरचार्ज छूट का भरपूर लाभ उठाया.महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त क्षितिज सिंघल और राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान के विशेष प्रयासों से इस बार नगर निगम ने एक दिन में रिकॉर्ड राजस्व वसूली की है. महापौर, आयुक्त और राजस्व प्रभारी ने संयुक्त रूप से इस बार लोक अदालत में आम जनता से निगम के करों में सरचार्ज माफी का लाभ उठाने की लगातार अपील की थी.
करदाताओं को संपत्तिकर और जलकर की राशि समय पर अदा करने के साथ शहर के विकास में अमूल्य योगदान देने का अहम हिस्सा बताया है. इसी कारण पूरे प्रदेश की लोक अदालत में नगर निगम इंदौर ने एक दिन में सबसे अधिक राजस्व जमा करने का रेकॉर्ड बनाया. नगर निगम इंदौर को शनिवार के दिन लोक अदालत से 103 करोड़ रुपए से अधिक की राजस्व आय हुई है. संपत्ति कर के 16579 करदाताओं ने 99 करोड़ 28 लाख और जलकर के 5276 करदाताओं ने 3 करोड़ 83 लाख रुपए जमा किए है. इस प्रकार नगर निगम ने 103 करोड़ 11 लाख रुपए राजस्व आय अर्जित की है. नगर निगम प्रदेश की सभी नगरीय निकायों में प्रथम स्थान पर रहा.
विकास कार्यों को मिलती है गति
महापौर पुष्यमित्र भार्गव और राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने कहा कि नगर निगम द्वारा करदाताओं को शासन की छूट का लाभ दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया गया था. इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा करदाता अपनी बकाया राशि जमा कर सकें. करदाताओं द्वारा समय पर कर जमा करने से शहर के विकास कार्यों को गति मिलती है.
योजनाबद्ध तरीके से किया कार्य
आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि नेशनल लोक अदालत के लिए नगर निगम की राजस्व टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया गया. उन्होंने उक्त रिकॉर्ड राजस्व आय के पीछे इंदौर के जागरूक जनता के साथ नगर निगम राजस्व टीम, जोनल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मेहनत का महत्वपूर्ण योगदान है
