जबलपुर: एक तरफ जहां सरकार करोड़ों रुपए लगाकर शहर में हरियाली बढ़ाने का प्रयास कर रही है तो वहीं दूसरी ओर एमपीईबी के कुछ असंवेदनशील अधिकारी अधीनस्थ कर्मचारियों के माध्यम से हरे भरे वृक्षों को काट रहे हैं। ताजा मामला लिंक रोड , मदनमहल मार्ग का है जहां सड़क किनारे लगे बड़े-बड़े कई वृक्षों को कटाई, छंटाई के नाम पर काट दिया गया और हरियाली का कत्लेआम किया गया। मामला संज्ञान में आते ही स्थानीय पर्यावरण विदों और वॉक एंड क्लीन परिवार के सदस्यों ने एमपीईबी विभाग के इन अधिकारियों की कार्यशैली के प्रति तीखा विरोध जताया है और कलेक्टर से मांग की है कि इस तरह की असंवेदनशीलता का परिचय देने वाले अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में वॉक एंढ क्लीन परिवार के अध्यक्ष अरविंद दुबे ने नवभारत को बताया कि उनके संगठन से जुड़े हर एक व्यक्ति द्वारा पिछले कई सालों से शहर में अलग-अलग जगह पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने का काम किया जाता रहा है। ऐसे में इन्हीं पेड़ों का कत्लेआम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया में भी कटे हुए वृक्षों की फोटो अपलोड कर शहरवासियों द्वारा आक्रोश व्यक्त किया जाने लगा है। सवाल ये खड़ा हो रहा है कि क्या जिला प्रशासन पेड़ों को काटने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित करता है या फिर यही ढर्रा आने वाले समय में यूं ही चलता रहेगा।
