
फर्जी खातों में करोड़ों का अनाधिकृत ट्रांजेक्शन
जबलपुर। साइबर फ्रॉड करते हुए फर्जी खातों में अनाधिकृत ट्रांजेक्शन मामले में राज्य साइबर पुलिस ने चार स्थानों में छापेमारी करने के बाद 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जिन्हें बुधवार को शहर लाने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गिरोह पहले लोगों को लाखों का लोन दिलाने, निवेश के नाम पर लाखों रूपए कमाने का लालच देकर खाता खुलवाते थे और एटीएम, चैक बुक समेत बैंक किट खुद रख लेते थे जिसके बाद खातों को बेच देते थे जिसमें करोड़ों का अनाधिकृत लेनदेन हुआ है। अंतर्राज्यीय ऑनलाईन फर्जी बैंक खातों का सिंडीकेट का भंड़ाफोड़ होने के बाद राज्य साइबर पुलिस ने जांच पड़ताल तेज कर दी हैंं। खातों में हुए अनाधिकृत लेनदेन का डाटा भी तैयार किया जा रहा हैं। सूत्रों की माने तो खातों में करोड़ों का अनाधिकृत लेनदेन हुआ है। खातों में रकम कहां से आई और इसे किनकिन खातों में ट्रांसफर किया गया इसके संबंध भी जांच की जा रही हैं।
कई राज्यों में फैला है नेटवर्क
सूत्रों की माने तो फर्जी बैंक खातों के सिंडीकेट के तार दिल्ली, नोयडा, जामताड़ा झारखण्ड एवं छग समेत कई राज्यों से जुड़े हए है।
जबलपुर समेत सतना, मैहर में छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक एटीएस, राज्य साइबर पुलिस की संयुक्त टीमों ने जबलपुर समेत सतना, मैहर में छापेमारी की है। अलग-अलग ठिकानों में धडक़ड़ करने के साथ 12 आरोपियों को धरदबोचा। सुबह चार से शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक चली। जिसके बाद आरोपियों को शहर लाया गया।
इन्हें भेजा गया जेल
सूत्रों की माने तो शशांक अग्रवाल, अमित निगम, अनुराग कुशवाहा, सुनील गर्ग, सगील अख्तर, सुमित शिवानी, रितिक श्रीवास, अमित कुशवाहा, अंजर हुसैन, संदीप चतुर्वेदी, मेधनी पॉल, नितिन कुशवाहा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया हैं।
लेपटॉप, एटीएम, दस्तावेज जब्त
साइबर पुलिस ने लेपटॉप, एटीएम समेत अहम दस्तावेज जब्त किए गए। इसके अलावा मोबाइल सहित सीसीटीवी की डीवीआर और बैंक संबंधी दस्तावेज जब्त किए है जिसकी जांच जारी है।
