इंदौर: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आईईटी सभागृह में आयोजित प्रकृति संवाद समारोह में प्रख्यात चिंतक के.एन. गोविंदाचार्य ने कहा कि जल, जीवन, जंगल, जानवर और जन का संतुलित विकास ही मानवता का भविष्य सुरक्षित रखेगा. उन्होंने कहा कि प्रकृति का उपयोग जीवन जोड़ने के लिए होना चाहिए, तोड़ने के लिए नहीं. पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि प्रकृति ही जीवन का आधार है और उसकी सुरक्षा हर प्राणी का कर्तव्य है.
कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. ए.पी. सेलवम, डॉ. श्यामसुंदर पालीवाल, जनक पलटा सहित कई विभूतियां उपस्थित थीं. इस अवसर पर शोध स्मारिका का विमोचन भी किया गया. प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने कहा कि स्वच्छता ही स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है. शोभा पैठनकर ने उपभोगिता आधारित जीवनशैली को विनाशकारी बताया. महामंडलेश्वर नरसिंहदास महाराज ने कहा कि पंचतत्व से बने शरीर को बचाने हेतु प्रकृति का संरक्षण आवश्यक है.
