सतना:महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो आलोक चौबे ने ग्रामोदय कैंपस स्थित कृषि संकाय में शुक्रवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन – तिलहन के अंतर्गत दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में इस क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक किसान भाग ले रहे हैं।उद्घाटन अवसर पर कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने कहा कि तिल अत्यंत उपयोगी एवं आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फसल है।
तिल संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रमों से क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिलगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने के लिए किसानों का आह्वान किया। इस मौके पर मुख्य प्रशिक्षक प्रो. विवेक प्रकाश नागाइच ने तिल उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को दृष्टिगत रखते हुए जैविक खेती अपनाने, निर्यात योग्य गुणवत्ता वाले तिल का उत्पादन करने तथा तिल की खेती को रोजगारमुखी एवं व्यापारिक दृष्टिकोण से विकसित करने पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा भारत रत्न राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख की प्रतिमा पर माल्यार्पण और विद्या दायिनी मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन से हुआ। प्रभारी, अखिल भारतीय समन्वित तिल अनुसंधान परियोजना और कार्यक्रम संयोजक प्रो. सुधाकर प्रसाद मिश्र ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। तकनीकी सत्र में प्रो विवेक प्रकाश नगाइच, प्रो सुधाकर मिश्रा,प्रो. योगेंद्र कुमार सिंह , प्रो. पावन सिरोठिया, प्रो. उमाशंकर मिश्र, प्रो. शिवशंकर सिंह ने तिलहन उत्पादन की उन्नत तकनीकों, अधिकतम पैदावार प्राप्त करने के उपायों तथा रोग एवं कीटों से होने वाली हानि को कम करने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। सत्र संचालन शोधार्थी अग्निवेश शांडिल्य ने किया।
