शिवराज का रौद्र रूप: पेनड्राइव में लेकर पहुंचे अवैध खनन के सबूत, अधिकारियों की लगाई जमकर क्लास

योगेश उपाध्याय सीहोर। जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक शनिवार को उस समय गरमा गई, जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले में अवैध खनन के मामले पर अफसरों की जमकर क्लास लगा दी. चौहान बैठक में पेनड्राइव लेकर पहुंचे और दावा किया कि उसमें जिले में हो रहे अवैध खनन और परिवहन के पूरे सबूत मौजूद हैं. इधर जिले के तीनों विधायकों ने भी अधिकारियों पर फोन नहीं उठाने और योजनाओं की जानकारी नहीं देने के आरोप लगाकर अफसरशाही को कठघरे में खड़ा कर दिया.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर समन्वय के साथ काम करेंगे तो योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से होगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी समय-समय पर जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आमजन का फीडबैक मिल सके और विकास कार्यों में तेजी आए.

बैठक में विधायक रमाकांत भार्गव, सुदेश राय, गोपाल सिंह इंजीनियर सहित जिला पंचायत एवं जनपद सदस्यों द्वारा सड़क, बिजली, पेयजल और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया. केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने सभी मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, निगम अध्यक्ष निर्मला बारेला, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना मेवाड़ा, रघुनाथ भाटी, रवि मालवीय, सभी जनपदों एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष, एसपी दीपक कुमार शुक्ला, जिला वन मंडलाधिकारी श्रीमती अर्चना पटेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति सदस्य उपस्थित थे.

उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति उसकी पात्रता के अनुसार शासन की योजनाओं का लाभ पाने से वंचित न रहे. अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन और संचालन करें, ताकि आमजन तक उनका लाभ पहुंचाया जा सके. जनप्रतिनिधियों और शासकीय सेवकों दोनों का कर्तव्य जनता की सेवा करना है, इसलिए अपने कर्तव्यों का बेहतर ढंग से निर्वहन करें. कलेक्टर बालागुरू के, सीईओ सर्जना यादव तथा जिलाधिकारियों द्वारा विभागीय प्रगति की विस्तार से जानकारी दी गई.

आदिवासियों को प्रताडि़त किया तो बर्दाश्त नहीं

बैठक में मौजूद डीएफओ को भी केंद्रीय मंत्री ने कड़े शब्दों में समझाइश दी. उन्होंने कहा कि नसरुल्लागंज क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा आदिवासियों को प्रताडि़त करने और पट्टों के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतें मिल रही हैं. चौहान ने कहा कि आदिवासियों को परेशान करना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार के पास मेरी शिकायत की जाती है कि शिवराज गड़बड़ी कर रहे हैं. शिवराज आदिवासियों को वन भूमि पर कब्जा करा रहे हैं. वन विभाग के कार्यों में अड़चनें डाल रहे हैं. इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए तो स्पष्ट करें कि मेरे खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा.उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आदिवासियों के साथ अन्याय हुआ तो वह इसे बिल्कुल सहन नहीं करेंगे.

पेनड्राइव निकालकर बोले- सबूत हैं मेरे पास

खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री के तेवर अचानक सख्त हो गए. उन्होंने जिला खनिज अधिकारी से कहा कि जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन लगातार हो रहा है, लेकिन विभाग की कार्रवाई नजर नहीं आती. इस दौरान चौहान ने जेब से एक पेनड्राइव निकालते हुए कहा कि इसमें जिले में हो रहे अवैध खनन का पूरा चिट्ठा मौजूद है. उन्होंने कहा कि यदि बैठक में इसे दिखा दिया तो शायद आपके हित में ठीक नहीं रहेगा. इसके बाद उन्होंने वह पेनड्राइव कलेक्टर बालागुरू के. को सौंपते हुए कहा कि इसी तरह की एक पेनड्राइव भोपाल में भी सौंपी जाएगी. साथ ही उन्होंने अपने मोबाइल में मौजूद वीडियो क्लिप भी कलेक्टर को दिखाकर मामले की गंभीरता बताई.

विधायकों ने भी खोली अफसरों की पोल

बैठक के दौरान बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव ने अधिकारियों पर फोन कॉल रिसीव नहीं करने का आरोप लगाया. उनके आरोप का समर्थन करते हुए सीहोर विधायक सुदेश राय और इछावर विधायक गोपाल इंजीनियर ने भी कहा कि अधिकारियों द्वारा उन्हें शासन की योजनाओं की जानकारी नहीं दी जाती. विधायकों की नाराजगी सुनकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए बिना प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकती.

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