शंकराचार्य चौराहे पर बनेंगे अंडरपास, छोटी रपट होगी अब 8 लेन

उज्जैन: सिंहस्थ 2028 को लेकर महाकाल की नगरी उज्जैन में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ गई है. करीब 30 हजार करोड़ रुपये की राशि से 30 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तैयार करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है. संभाग आयुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रोशन सिंह ने इन तैयारियों को लेकर नवभारत से चर्चा में कई अहम जानकारियां साझा कीं.

संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने बताया कि शंकराचार्य मार्ग पर बड़नगर रोड चौराहे के पास अंडरपास बनाए जाने की योजना तैयार की जा रही है. इससे सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होगी और पैदल यात्रियों को भी सुरक्षित रास्ता मिल सकेगा. रामघाट की ओर स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था काफी मददगार साबित होगी.

छोटी रपट को बनाएंगे 8 लाइन
रामघाट की छोटी रपट जो दानीगेट से दत्त अखाड़ा ब्रिज होते हुए कार्तिक मेला ग्राउंड की ओर जाती है, उसे अब 8 लेन के पुल में बदला जा रहा है. करीब 30 मीटर चौड़े इस पुल से सिंहस्थ के समय भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था बेहतर बनेगी.

पुल के पास की पाइप लाइन होगी शिफ्ट
इसी तरह भैरवगढ़ क्षेत्र में भी निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. यहां मौजूद पुलिया के समानांतर एक और टू-लेन पुलिया बनाई जा रही है जो फ़ोर लेन में तब्दील हो जाएगी. निर्माण के दौरान गंभीर डेम से गुजरने वाली पेयजल पाइपलाइन को सुरक्षित तरीके से शिफ्ट करने की तैयारी है, ताकि जल आपूर्ति भी प्रभावित न हो और निर्माण कार्य भी बिना बाधा पूरा हो सके.

एक साल पहले पूरे करने का लक्ष्य
सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने निर्माण स्थलों पर पहुंचकर कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और गुणवत्ता व्यवस्था भी देखी. निर्माण स्थल पर बनाई गई मलिटी कंट्रोल लैब में सामग्री की जांच प्रक्रिया को समझा गया और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो. सिंहस्थ 2028 से एक वर्ष पहले सभी प्रमुख ब्रिज और ढांचागत कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

आम लोगों के लिए भी ध्यान
सिंहस्थ कार्यों के दौरान शहर की आम जनता को दिक्कत न हो, इसके लिए निर्माण एजेंसियों से कहा गया है कि जहां काम चल रहा है वहां आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते भी बनाए रखें, ताकि रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित न हो.

आईटीआई मक्सी रोड आरओबी पर भी काम
आईटीआई मक्सी रोड पर बन रहे अतिरिक्त टू-लेन आरओबी के दौरान जमीन के नीचे से गुजर रही गैस पाइपलाइन के कारण काम में तकनीकी अड़चन सामने आई है. इसे शिफ्ट करने के लिए संबंधित एजेंसियों और रेलवे के साथ समन्वय कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि निर्माण कार्य जल्द गति पकड़ सके

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