
सीहोर/भेरूदां। नगर में डीजे के तेज कानफोड़ू शोर से एक बुजुर्ग महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया. इस हृदयविदारक घटना के विरोध में नगर के व्यापारियों ने शुक्रवार को ऐतिहासिक बंद का आह्वान किया और प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया. दिनभर मुख्य बाजार सहित कई व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानें बंद रहीं और शहर का प्रमुख बाजार पूरी तरह सुनसान दिखाई दिया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भेरूंदा नगर के मुख्य बाजार क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था. बताया जा रहा है कि डीजे की आवाज काफी तेज थी और उसकी ध्वनि आसपास के घरों तक तेज धमक के साथ पहुंच रही थी. इसी दौरान पास ही रहने वाली एक बुजुर्ग महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई.
परिजनों का आरोप है कि डीजे का शोर इतना तेज और असहनीय था कि महिला घबरा गईं और उनकी हालत तेजी से खराब हो गई. परिवार के लोग उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया. घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया. नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि यदि ध्वनि प्रदूषण पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो ऐसी घटनाएं दोबारा भी हो सकती हैं. पुलिस ने डीजे संचालक व चालक के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए डीजे वाहन रूक्क०९ त्रश्व 4932 जप्त कर आरोपी गोलू अटेरिया आ. रमेश चन्द्र अटेरिया एवं जसवंत पिता रमेश चन्द्र अटेरिया निवासी ग्राम बालागांव के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया.
नगर के व्यापारियों में दिखा भारी आक्रोश
घटना की खबर फैलते ही नगर के व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त हो गया. व्यापारिक संगठनों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए. इसके विरोध में व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय लिया. बंद का असर पूरे शहर में देखने को मिला. कपड़ा बाजार पूरी तरह बंद रहा, वहीं सराफा बाजार के व्यापारियों ने भी दुकानें बंद रखकर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और शहर में शांति व सुरक्षा की मांग की. विरोध इतना व्यापक रहा कि कई किराना दुकानों ने भी समर्थन में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे. आमतौर पर खुली रहने वाली कई दुकानें भी इस विरोध में शामिल रहीं, जिससे बाजारों में दिन भर सन्नाटा पसरा रहा.
व्यापारिक संगठनों ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
घटना के विरोध में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेज आवाज में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए. ध्वनि विस्तारक यंत्रों के लिए निर्धारित डेसिबल सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. व्यापारियों ने यह भी कहा कि बुजुर्गों, मरीजों और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में साइलेंस जोन को सख्ती से लागू किया जाए. उनका कहना था कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर परिणाम है.
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने व्यापारियों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शहर में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर लागू नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
