
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि कभी ग्वालियर-चंबल अंचल को बीहड़ों और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यही क्षेत्र प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की औद्योगिक नीतियों और निवेश को प्रोत्साहन देने के प्रयासों से इस क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं बनी हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान ग्वालियर क्षेत्र में लगभग 220 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इन इकाइयों के स्थापित होने से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि मुरैना जिले के सीतापुर क्षेत्र में फुटवियर क्लस्टर विकसित किया जा रहा है, जिससे जूता उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। इसके साथ ही मुरैना में हाइड्रोजन उत्पादन से जुड़ा एक नया कारखाना भी स्थापित किया जा रहा है, जो स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की महत्वपूर्ण पहल होगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन उद्योगों के शुरू होने से ग्वालियर-चंबल अंचल के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा और क्षेत्र का आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिससे हर क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
