मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये की राशि की अंतरित

ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज शुक्रवार की दोपहर ग्वालियर जिले के घाटीगाँव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित सम्मेलन में “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना” के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। इसमें ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 बहनों के खातों में पहुँचने वाली 44 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि शामिल है। यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इस अवसर पर ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ रुपये लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी किया। साथ ही सरकार की विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी वितरित की।

लाड़ली बहना सम्मेलन में केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्रीगण नारायण सिंह कुशवाह व प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर एवं जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव समेत अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ यादव दोपहर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल महाराजपुरा पहुँचे। यहाँ से हेलीकॉप्टर द्वारा घाटीगाँव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में बनाये गए हेलीपेड पहुँचे। मुख्यमंत्री ने यहाँ स्थित देवनारायण मंदिर एवं कार्यक्रम स्थल के समीप स्थित शबरी माता मंदिर में प्रदेश की खुशहाली के लिए पूजा अर्चना की। इसके बाद लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान का नया आधार बनी है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे अंतरित की गई है। प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

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