नयी दिल्ली 12 मार्च (वार्ता) भारत ने कनाड़ा के साथ उसके यूरेनियम आपूर्ति समझौते को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि परमाणु अप्रसार के मामले में भारत की छवि बेदाग है और इस मामले में अपने खराब रिकार्ड से ध्यान भटकाने के लिए वह हास्यास्पद उपदेश दे रहा है। भारत ने पाकिस्तान के उन आरोपों का भी जोरदार खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि भारत अफगानिस्तान को पाकिस्तान के खिलाफ भड़का रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में भारत और कनाड़ा के बीच यूरेनियम आपूर्ति समझौते को लेकर पाकिस्तान के आरोपों से जुड़े सवाल पर कहा कि जिस देश का परमाणु अप्रसार के मामले में रिकार्ड पहले से ही खराब है उसका इस तरह के उपदेश देना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा ,” पाकिस्तान द्वारा दिए गए इस बयान को भारत खारिज करता है। परमाणु अप्रसार के संबंध में भारत की साख बेदाग है और वैश्विक समुदाय इसे अच्छी तरह से जानता है। गुप्त परमाणु प्रसार के इतिहास वाला कोई देश ऐसे बयान कैसे दे सकता है। ऐसे हास्यास्पद बयान पाकिस्तान के अपने खराब रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने की कोशिश मात्र हैं।”
उल्लेखनीय है कि कनाडा ने हाल ही में भारत के साथ 2.6 अरब डॉलर का एक बड़ा यूरेनियम आपूर्ति समझौता किया है, जिसके तहत 2027-2035 तक कैमेको कंपनी भारत को दो करोड़ बीस लाख पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति करेगी। इस दीर्घकालिक सौदे का उद्देश्य भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को बढ़ावा देना है। पाकिस्तान ने इसे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए चिंता जताई है।
प्रवक्ता ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल के सैन्य टकरावों के बारे में भारत पर लगाये गये आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा है कि भारत इन्हें सिरे से खारिज करता है। उन्होंने कहा कि अपनी गलत हरकतों के लिए भारत को दोष देना पाकिस्तान की आदत बन गयी है। दशकों से आतंकवाद को बढावा देने के कारण सीमा पार आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान की कोई विश्वसनीयता नहीं है। किसी भी तरह की कहानी गढ़ने से यह सच्चाई नहीं बदलेगी और न ही पाकिस्तान की कथित पीड़ित होने की छवि से कोई भ्रमित होने वाला है।”
