
भोपाल। मध्यप्रदेश मंत्रालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने आंदोलन करने की घोषणा की है। संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कर्मचारियों की कई न्यायोचित मांगें और समस्याएं वर्षों से लंबित हैं। कई बार ज्ञापन देने और अधिकारियों से चर्चा करने के बावजूद इनका निराकरण नहीं किया गया है।
नायक ने कहा कि प्रदेश के अन्य विभागों के कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान पहले ही प्रदान किया जा चुका है, जबकि मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी अब भी इससे वंचित हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग ने 9 मार्च 2020 को निर्देश जारी कर राज्य प्रशासनिक सेवा की तर्ज पर समयमान वेतनमान के साथ उच्च पदनाम देने के आदेश दिए थे, लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी विभाग ने स्वयं ही इस आदेश को लागू नहीं किया है।
संघ ने कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू न होने, स्थायी कर्मियों को सातवां वेतनमान न मिलने तथा आउटसोर्स और आकस्मिक कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया। संघ ने 19 सूत्रीय मांगपत्र को लेकर जल्द ही आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है, जिसकी तिथियां शीघ्र घोषित की जाएंगी।
