
जबलपुर। बेहतर इलाज व्यवस्स्था और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के उद्देश्य से बनाए गए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती एक मरीज के पास से करीब 8 शराब की बोतलें मिलीं हैं। अस्पताल के न्यूरोलॉजी वार्ड में भर्ती मरीज के पास शराब की बोतलें मिलने से पूरे वार्ड में हड़कंप मच गया और इस खबर ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सेंध लगाई। मरीज के पास शराब की इतनी बोतलें मिलने के मामले ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया तो वहीं दूसरी तरफ सवाल ये भी खड़े किए कि जब अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती मौजूद है तो फिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई कि अस्पताल के भीतर शराब की बोतलें आ गईं।
सुरक्षा कर्मी नहीं करते जांच
सूत्रों की माने तो मेडिकल कॉलेज सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा आने-जाने वाले लोगों की सख्ती से जांच नहीं की जाती। इसी वजह से कई लोग अस्पताल परिसर के अंदर तक गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीली चीजें लेकर पहुंच जाते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि कई वार्डों में खुलेआम राजश्री गुटखा और तंबाकू का सेवन किया जाता है, जिससे अस्पताल का वातावरण भी प्रभावित होता है। साथ ही इनका कहना ये भी है कि यदि अस्पताल में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए तो काफी समस्याओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
अस्पताल के कर्मचारियों की संलिप्तता!
मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के अधीक्षक जितेंद्र गुप्ता का मोबाईल बंद है जिस कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका है। खबर है कि समाचार लिखे जाने तक प्रबंधन की ओर से जिस मरीज के पास शराब की बोतलें मिलीं हैं उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही उस मरीज से ये पूछताछ की जा रही है कि उसके पास इतनी शराब की बोतलें वार्ड के अंदर आईं कैसे। सूत्रों की माने तो अस्पताल के कर्मचारियों की संलिप्तता भी इसमें है जिस कारण इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है।
इनका कहना है-
— अस्पताल के वार्ड में शराब की बोतलें मिलने की खबर काफी निंदनीय है। मैं अपने स्तर पर पता लगाता हूं और दोषियों पर कार्रवाई के लिए पत्र मेडिकल डीन को लिखता हूं।
–डॉ. अरविंद शर्मा, अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल।
