नई दिल्ली | संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही हंगामेदार रही। सदन में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को पद से हटाने की मांग वाले विपक्षी प्रस्ताव को चर्चा के बाद ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। आज सदन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें सदस्य सरकार की नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज पर सवाल दागेंगे। हालांकि, विपक्ष के कड़े तेवरों को देखते हुए कार्यवाही के सुचारू संचालन पर संशय बना हुआ है। प्रश्नकाल के समाप्त होने के बाद विभिन्न मंत्रालयों के मंत्री आधिकारिक दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे, जिससे विधायी कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आज के सत्र में केंद्रीय मंत्री श्रीपद येसो नाइक, अजय टम्टा, तोखन साहू और राज भूषण चौधरी अपने-अपने विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश करेंगे। इनमें बिजली, सड़क परिवहन, जल शक्ति और शहरी विकास जैसे प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज का विवरण शामिल होगा। इसके अलावा, सांसद ‘नियम 377’ के तहत लोक महत्व के विशेष मुद्दे उठाएंगे, जो उन्हें बिना किसी लंबी चर्चा के सरकार का ध्यान जनहित की समस्याओं की ओर आकर्षित करने की अनुमति देता है। विपक्षी सांसदों द्वारा महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर घेराबंदी की रणनीति बनाई गई है, जिससे सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।
आज के कार्यदिवस का मुख्य आकर्षण केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश की जाने वाली ‘सप्लीमेंट्री डिमांड फॉर ग्रांट्स’ (दूसरा बैच) होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त सरकारी खर्च की मंजूरी हेतु इस प्रस्ताव पर सदन में चर्चा और मतदान होना है। बजट आवंटन के अलावा विभिन्न परियोजनाओं के लिए आवश्यक इस अतिरिक्त फंड पर विपक्ष सरकार से जवाब मांग सकता है। सरकार की प्राथमिकता इन वित्तीय मांगों को पारित कराकर विकास कार्यों को गति देना है। वहीं, सदन के सुचारू संचालन के लिए स्पीकर ने सभी दलों से सहयोग की अपील की है ताकि जनहित के मुद्दों पर सार्थक संवाद हो सके।

