नयी दिल्ली, 11 मार्च (वार्ता) कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को लेकर केंद्र सरकार और सदन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं।
उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया पर कहा कि जब वे इस प्रस्ताव पर लोकसभा में बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्हें देश के लोकतंत्र की स्थिति को लेकर गहरी चिंता महसूस हुई, क्योंकि विपक्ष को यह प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
श्री वेणुगोपाल ने कहा कि 2019 के बाद से कई ऐसे घटनाक्रम हुए हैं जिनसे लोकसभा की गरिमा धीरे-धीरे कम होती गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में पहले कभी भी नेता प्रतिपक्ष को इतना खुलकर चुप कराने की कोशिश नहीं हुई। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष सत्ता पक्ष को असहज करने वाले सवाल उठाते हैं और सच्चाई बोलने से नहीं डरते, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जाता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विपक्षी सांसदों को मनमाने तरीके से निलंबित किया गया, उनके माइक्रोफोन बंद किए गए और संसद टीवी के कैमरे भी विपक्षी बेंचों को दिखाने से बचते रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके उलट भाजपा सांसदों को अपशब्द कहने, नियमों का उल्लंघन करने और झूठ बोलने की खुली छूट दी जाती है, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। संसद में बहुमत होने का मतलब यह नहीं है कि सत्तापक्ष लोकतांत्रिक परंपराओं को कुचल दे।
श्री वेणुगोपाल ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में सर्वोच्च सदन को पक्षपातपूर्ण तरीके से नहीं चलाया जा सकता है । देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए एक निष्पक्ष, न्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध लोकसभा अध्यक्ष की आवश्यकता है।
