
सीधी। सीधी- रीवा की सीमा पर स्थित छुहिया घाटी में 6 लेन टनल का निर्माण होगा। मोहनिया टनल निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य शासन ने टनल निर्माण की डीपीआर के लिए 5 करोड़ रुपए की मंजूरी देकर टनल निर्माण की राह को प्रशस्त कर दिया है। रीवा-सीधी-शहडोल मार्ग की छुहिया घाटी में 6 लेन टनल का निर्माण हो जाने के बाद वाहनों की आवाजाही में जहां काफी सुविधा मिलेगी वहीं कठिन चढ़ाई एवं सडक़ की लंबाई भी घटने से समय की काफी बचत होगी। 14.50 किलोमीटर लंबाई की टनल का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। यह परियोजना न केवल सीधी बल्कि शहडोल क्षेत्र के लोगों के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि सीधी-रीवा और शहडोल-रीवा मुख्य सड़क मार्ग पर आवागमन अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
वर्तमान में छुहिया घाटी में तीखे और अंधे मोड़ होने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। टनल निर्माण के बाद इन जोखिमों से काफी हद तक राहत मिलेगी और यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।इस महत्वाकांक्षी परियोजना से पूरे क्षेत्र के विकास को गति मिलने की उम्मीद है और स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
मालूम रहे कि छुहिया घाटी में टनल निर्माण की मांग काफी अरसे से की जा रही थी। अब यह चर्चित योजना धरातल पर उतरने जा रही है। छुहिया घाटी से वाहनों का गुजरना हमेंशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। सकरी सडक़, अंधे मोड़ और पहाड़ी ढ़लान के कारण यह मार्ग लंबे समय से दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ था। 14.50 लंबाई की टनल का निर्माण होने के बाद आगे सफर करने पर एक घंटे का समय बचेगा। प्रस्तावित 6 लेन टनल बनने से रीवा-शहडोल मार्ग की दूरी लगभग 14 से 20 किलोमीटर तक कम हो सकती है। वहीं सीधी जिले की दूरी भी 12-15 किलोमीटर कम हो जाएगी। छुहिया घाटी से सीधी से रीवा, सीधी से सतना, रीवा से अनूपपुर, अमरकंटक और छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले हजारों वाहन प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं। अभी तक जाम, अंधे मोड़ और जोखिम भरे चढ़ाई के कारण सफर थकाऊ और असुरक्षित है। टनल निर्माण के बाद यह मार्ग तेज, सुगम और सुरक्षित हो जाएगा। छुहिया घाटी को लोग कई कठिनाइयों से भरा सफर मानते हैं। वाहनों के लिए अंधे मोड़ की समस्या जहां टनल का निर्माण होने से दूर हो जाएगी वहीं बरसात के दिनों में पहाड़ी कटाव और भू-स्खलन पर नियंत्रण मिलेगा। साथ ही छुहिया घाटी का स्थल काफी एकांत होने के कारण आपराधिक घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही आपातकालीन सेवाओं को त्वरित पहुंच संभव हो जाएगी। छुहिया घाटी में टनल का निर्माण समूचे विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है। यह टनल मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ेगी और यह कनेक्टिविटी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी। छुहिया घाटी में टनल निर्माण के लिए डीपीआर की स्वीकृति मिलने के बाद से ही सीधी जिले के साथ ही समूचे विंध्य क्षेत्र में काफी खुशी की लहर है। लोग यह मान रहे हैं कि छुहिया घाटी में 6 लेन टनल का निर्माण होने के बाद भारी वाहनों की सबसे ज्यादा मुश्किलें समाप्त हो जाएंगी।
उप मुख्यमंत्री की पहल से मिल रही सौगात-
सीधी-रीवा की सीमा पर स्थित छुहिया घाटी में 6 लेन टनल की सौगात प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की पहल पर मिल रही है। वर्षों से लंबित इस मांग को स्वीकृति दिलाने में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल का विशेष योगदान है। छुहिया घाटी में 6 लेन टनल निर्माण की स्वीकृति मिलना विंध्य क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। छुहिया घाटी की कठिन राह अब विकास की सुरंग में बदलने जा रही है। यह केवल सडक़ नहीं बल्कि विंध्य के भविष्य की नई दिशा और सुरक्षित आधुनिक कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व कदम है। मालूम रहे कि इससे पूर्व लगभग 3 किलोमीटर की टनल सीधी-रीवा गुढ मार्ग में कैमोर पहाड़ में किया जा चुका है। इस टनल के निर्माण के बाद अंधे मोड़ एवं पहाड़ी चढ़ाई से निजात मिल चुकी है। पहले सीधी-रीवा मार्ग में चलने वाले वाहनों के डेढ़ से दो घंटे का समय लगता था। अब टनल निर्माण के बाद यह समय एक घंटे का हो गया है। कैमोर पहाड़ में भी टनल का निर्माण कराने में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल का विशेष योगदान रहा है। उनकी पहल एवं तत्परता से ही कैमोर पहाड़ में टनल का निर्माण कार्य समय सीमा के अंदर पूर्ण किया गया है।
इनका कहना है-
टनल निर्माण के लिए अभी टेण्डर प्रोसेस में है। टेण्डर काल भोपाल से होना है। डीपीआर के एमाउण्ट के बाद क्या कास्ट आयेगी, उसी के बाद टेण्डर काल होगा। मैं समझता हूं कि इस पूरी प्रक्रिया में अभी कुछ समय लगेगा।
अवधेश स्वर्णकार, संभागीय प्रबंधक
एमपीआरडीसी- संभाग शहडोल
