तेहरान/यरूशलम | 11 मार्च, 2026: मध्य-पूर्व के युद्ध के मैदान से एक हैरान करने वाली रणनीति सामने आई है, जहाँ ईरान अपनी असली सैन्य ताकत को बचाने के लिए ‘डमी वॉरफेयर’ का सहारा ले रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि इजरायल ने जिन विमानों को नष्ट किया, वे जमीन पर बनी महज पेंटिंग और डमी थे। विशेषज्ञों का कहना है कि इजरायल की एक मिसाइल की कीमत करीब 25 करोड़ रुपये होती है, जिसे ईरान लकड़ी, रबर और पेंट से बने सस्ते मॉडलों के जरिए बर्बाद करवा रहा है। इस ‘ऑप्टिकल इल्यूजन’ ने दुनिया के सबसे आधुनिक रडार सिस्टम को भी भ्रमित कर दिया है।
खबरों के मुताबिक, ईरान ने चीन से 9 लाख से अधिक हवा से भरने वाले (Inflatable) नकली टैंक और मिसाइल लॉन्चर मंगवाए हैं। इन डमी हथियारों पर विशेष थर्मल पेंट किया गया है ताकि ऊपर से देखने पर ये रडार और थर्मल सेंसर को बिल्कुल असली सैन्य साजो-सामान लगें। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि ईरान ने अपने असली लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को सुरक्षित भूमिगत सुरंगों में छिपा दिया है और सतह पर केवल दिखावटी जाल बिछाया है। यह चालाकी न केवल दुश्मन का आर्थिक नुकसान कर रही है, बल्कि उसकी तकनीकी श्रेष्ठता पर भी सवाल उठा रही है।
हालांकि, कुछ रक्षा विशेषज्ञ इसे ईरान का मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) मान रहे हैं। उनका तर्क है कि आधुनिक मिसाइलों के सेंसर और परछाई को केवल साधारण पेंटिंग से धोखा देना इतना आसान नहीं है। बावजूद इसके, युद्ध के मैदान में इस तरह के धोखे की पुरानी परंपरा को ईरान ने नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है। यह रणनीति अमेरिका और इजरायल के लिए सिरदर्द बन गई है, क्योंकि उन्हें अब हर हमले से पहले यह सुनिश्चित करना पड़ रहा है कि निशाना असली हथियार है या हवा भरा हुआ कोई गुब्बारा।

