एक साथ उतरेंगे 4 हेलिकॉप्टर, सदावल में हवाई सुविधाओं का विस्तार

उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर विकास कार्यों की रफ्तार तेज हो गई है. आगामी सिंहस्थ में देश-विदेश से आने वाले लाखों संतों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए शहर में सड़क, हेलीपैड और आवासीय व्यवस्थाओं सहित कई महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाएं तेजी से तैयार की जा रही हैं. सदावल में जो हेलीपैड बनाया गया है यहां पर चार हेलीकॉप्टर एक साथ उतर सकेंगे.

इसी क्रम में सदावल क्षेत्र में एक आधुनिक हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है, जहां एक साथ चार हेलिकॉप्टर उतर सकेंगे. इससे सिंहस्थ के दौरान संत-महात्माओं, विशिष्ट अतिथियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुगम बनाने में मदद मिलेगी. हेलीपैड परिसर में सुव्यवस्थित लाउंज और एप्रोच रोड भी विकसित किए जा रहे हैं, ताकि यहां आने-जाने की व्यवस्था सुचारु और व्यवस्थित बनी रहे.

आवागमन होगा सुगम
सिंहस्थ क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए कई प्रमुख मार्गों को फोरलेन में विकसित किया जा रहा है. इनमें श्री रणजीत हनुमान मंदिर से मौजमखेड़ी मार्ग और कालभैरव से मौजमखेड़ी मार्ग विशेष रूप से शामिल हैं. इन सड़कों के तैयार होने से सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं और साधु-संतों को आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी और यातायात का दबाव भी कम होगा.

फोरलेन सड़क विकसित
रणजीत हनुमान क्षेत्र में पुल और चौड़ी सड़क का निर्माण भी प्रगति पर है. साथ ही रणजीत हनुमान से सिंहस्थ बाईपास तक गोंसा मार्ग होते हुए फोरलेन सड़क विकसित की जा रही है, जो सिंहस्थ क्षेत्र तक पहुंचने वाले मार्गों को और अधिक सुगम बनाएगी.

कर्मचारियों के लिए आवास
इसके अलावा सिंहस्थ की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लिए आवासीय मर्टर्स का निर्माण भी किया जा रहा है. इन आवासों के बनने से आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी.

सुविधाओं को मजबूत करेंगे
नवभारत से चर्चा में उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ की सभी निर्माणाधीन सुविधाओं का लगातार अवलोकन किया जा रहा है और श्रद्धालुओं के लिए संतों के लिए स्थानीय रहवासियों के लिए सौगात अधिक से अधिक जुटाए जा रही है ताकि कुंभ में किसी को परेशानी ना हो. महाकाल की नगरी में हो रहे ये विकास कार्य केवल सिंहस्थ तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि भविष्य में उज्जैन आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए भी सुविधाओं को मजबूत करेंगे. धार्मिक आस्था, परंपरा और आधुनिक विकास के इस संगम से उज्जैन आने वाले वर्षों में और अधिक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक तीर्थनगरी के रूप में उभरने की दिशा में आगे बढ़ रहा है

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