सीहोर में कमर्शियल गैस की किल्लत, जेल के कैदियों से लेकर मरीजों के भोजन पर संकट

सीहोर। पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग का असर अब सीहोर जिले में भी दिखाई देने लगा है. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से जेल के कैदियों और अस्पताल में भर्ती मरीजों के भोजन से लेकर मिड-डे मील योजनाओं और शादी-विवाह जैसे आयोजनों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. गैस की किल्लत को लेकर होटल संचालकों और विवाह आयोजनकर्ताओं में भी चिंता बढ़ गई है.

कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर लगी रोक का असर अब जिले में साफ दिखाई देने लगा है. मंगलवार से लागू हुई नई व्यवस्था के बाद तमाम होटल संचालकों, अस्पतालों, जेल प्रशासन, मिड डे मील योजना से जुड़े लोगों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. इन दिनों शादियों के शुभ मुहूर्त जारी होने के कारण स्थिति और अधिक गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है.

नई व्यवस्था के तहत अब कमर्शियल गैस सिलेंडर नंबर लगाने के 21 दिन बाद ही उपलब्ध हो सकेगा. इसके चलते सीहोर शहर सहित पूरे जिले में गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो गई है.इस निर्णय के बाद सबसे अधिक परेशानी उन संस्थानों और व्यवसायों को हो रही है जिनकी भोजन व्यवस्था पूरी तरह कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर रहती है.

शहर स्थित मोहम्मद हुसैन सज्जाद हुसैन गैस एजेंसी के संचालक मुस्तफा हुसैन ने बताया कि मंगलवार से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लग गई है. एजेंसियों को कमर्शियल और नॉन डोमेस्टिक सिलेंडरों की डिलीवरी रोकने के आदेश मिले हैं, इसलिए फिलहाल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हो पा रही है. बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध जैसे माहौल के कारण गैस आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिसका असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है. यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आगामी दिनों में होटल व्यवसाय, सरकारी भोजन योजनाओं और विवाह आयोजनों पर इसका असर देखने को मिल सकता है.

विवाह आयोजन वाले परिवार पशोपेश में

जिले में इन दिनों विवाह आयोजनों का दौर चल रहा है. 11 और 13 मार्च को शादियों के शुभ मुहूर्त हैं. बड़ी संख्या में परिवारों ने पहले ही शादी समारोह की तैयारियां पूरी कर ली हैं. कई लोगों ने निमंत्रण पत्र भी वितरित कर दिए हैं. ऐसे में कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. जिन कैटर्स ने पहले से विवाह समारोह के ऑर्डर ले रखे हैं, वे अब गैस की कमी के कारण भोजन व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं. यदि समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हुए तो विवाह आयोजनों में भोजन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है.

ढाबे, होटल के व्यवसाय पर बंद होने का खतरा

शहर में प्रतिदिन लगभग 80 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की खपत होती है, जबकि पूरे जिले में यह संख्या करीब 150 सिलेंडर प्रतिदिन तक पहुंच जाती है. ऐसे में आपूर्ति पर लगी इस रोक के बाद भोजन बनाने की व्यवस्था बनाए रखना कई संस्थानों के लिए मुश्किल होता जा रहा है. होटल और ढाबा संचालकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो उन्हें अपने व्यवसाय को अस्थायी रूप से बंद करने तक की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.

सरकारी योजनाओं पर भी पड़ेगा असर

कमर्शियल गैस की कमी का असर केवल होटल और कैटरिंग व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि जिला अस्पताल, जेल और मिड डे मील जैसी सरकारी योजनाओं पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है. इन संस्थानों में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, जो पूरी तरह गैस सिलेंडरों पर निर्भर रहता है. ऐसे में यदि आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही तो इन जगहों पर भोजन व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

अब कैसे बन सकेगा भोजन

जेल अधीक्षक प्रतिभा पटेल ने बताया कि गैस एजेंसी संचालक ने मौखिक तौर पर सिलेंडर देने से मना किया है. जेल में वर्तमान में 300 कैदी निरुद्व हैं. उनके भोजन आदि का निर्माण कैसे हो सकेगा. इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है.

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