सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड डब्ल्यूसीएल के पाथाखेड़ा क्षेत्र स्थित तवा–2 भूमिगत कोयला खदान में ठेका मजदूरों का बकाया वेतन और कथित शोषण के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन 11वें दिन भी जारी रहा। लगातार प्रदर्शन के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से मजदूरों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
आंदोलनकारी मजदूरों का कहना है कि कम पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से कमजोर होने का फायदा उठाकर ठेकेदार लगभग 20 वर्षों से उनका हक मारते आ रहे हैं।
सुबह आंदोलन स्थल पर उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब ठेकेदार द्वारा कथित रूप से बाहरी अनस्किल्ड मजदूरों को प्राइवेट बंदूकधारी गार्डों के साथ तवा-2 खदान में काम के लिए भेजा गया। आंदोलनकारी मजदूरों ने इसे आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश बताते हुए कड़ा विरोध किया।
तवा-2 खदान के सब एरिया मैनेजर सत्यनारायण ने बताया कि खदान में केवल बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त मजदूरों को ही काम के लिए भेजा जा सकता है। मजदूरों की आपत्ति के बाद उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर प्राइवेट गार्डों को खदान परिसर से हटाने के निर्देश दिए।
घटना की सूचना पर पाथाखेड़ा चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। श्रमिक नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मजदूरों का शोषण बंद नहीं हुआ और बाहरी मजदूरों की भर्ती पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
