
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भोपाल की नरेला विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में प्रमाण सहित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
दिग्विजय सिंह ने अपने ज्ञापन में कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है। इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाना चाहिए, ताकि मृत या प्रवासी व्यक्तियों के नाम हटाए जा सकें और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेला क्षेत्र में इस प्रक्रिया के विपरीत बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए हैं।
नरेला विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी मनोज शुक्ला ने जमीनी स्तर पर जांच के दौरान पाया कि 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची में कई ऐसे नाम दर्ज हैं, जो संबंधित पते पर निवास नहीं करते।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक मकान में केवल छह लोग रहते हैं, लेकिन वहां लगभग 65 मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए, जबकि दूसरे मकान में चार–पांच निवासियों के बावजूद करीब 45 मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज हैं।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री पी. सी. शर्मा ने भी आरोप लगाया कि एक अन्य विधानसभा क्षेत्र में फर्जी मोबाइल नंबरों से की गई शिकायतों के आधार पर हजारों वास्तविक मतदाताओं के नाम कटवा दिए गए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रस्तुत शिकायतों और दस्तावेजों की विधिवत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
