अहमदाबाद, 08 मार्च (वार्ता) भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने रविवार को न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब जीतने पर कहा कि यह जीत मेरे लिये खास है।
आज यहां बुमराह, प्लेयर ऑफ द मैच जसप्रीत बुमराह ने कहा, “यह जीत मेरे लिए बेहद ख़ास है। मैंने अपने घरेलू मैदान पर पहले भी एक फ़ाइनल खेला था, लेकिन तब जीत नहीं मिली थी। आज यहां जीत हासिल करना अलग ही एहसास है। मुझे पता था कि पिच सपाट है, इसलिए मुझे अपने पूरे अनुभव का इस्तेमाल करना था। इस टूर्नामेंट से पहले मैं ऐसे दौर में था जहां मुझे लग रहा था कि मैं ज़रूरत से ज़्यादा कोशिश कर रहा हूं। गेंदबाज़ी अच्छी कर रहा था, लेकिन फिर भी ऐसा महसूस हो रहा था कि खु़द पर दबाव डाल रहा हूं। इस टूर्नामेंट में मैंने बस खेल को अपने पास आने दिया और वही मेरे लिए काम कर गया। अपने प्रदर्शन का आकलन करना हमेशा मेरी ताकत रहा है। विश्व कप फ़ाइनल में अपने घरेलू मैदान पर प्लेयर ऑफ द मैच मिलना इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। जहां तक स्लोअर गेंदों की बात है, यहां के अनुभव ने काफी मदद की। मैंने यहां कई बार सपाट पिचों पर खेला है और दूसरी टीमों को भी देखा है। मुझे समझ आ गया था कि अगर बहुत तेज़ गेंद डालूंगा तो बल्लेबाज़ों के लिए शॉट खेलना आसान हो जाएगा। इसलिए मैंने समझदारी से गेंदबाज़ी की और यही सोचता रहा कि बल्लेबाज़ क्या करने की कोशिश कर रहे हैं।हमारे गेंदबाज़ी समूह की बात करें तो जब भी हम चर्चा करते हैं, हर खिलाड़ी अपने विकल्प लेकर आता है। जब भी बातचीत की ज़रूरत पड़ी हमने खुलकर बात की। हमने कभी घबराहट नहीं दिखाई। हमने हमेशा संयम बनाए रखा। जो टीमें ऐसा कर पाती हैं वही टूर्नामेंट जीतती हैं और मुझे खुशी है कि हमने यह करके दिखाया।”
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट संजू सैमसन ने कहा, ” यह किसी सपने जैसा लग रहा है। मैं बहुत खु़श हूं और आभारी भी। शब्द कम पड़ रहे हैं। भावनाएं संभालना मुश्किल हो रहा है। मेरे तीन अर्धशतकों की बात करें तो सच कहूं तो इसकी शुरुआत एक दो साल पहले ही हो गई थी। 2024 विश्व कप में मैं टीम का हिस्सा था, लेकिन मुझे खेलने का मौक़ा नहीं मिला। तब से मैं लगातार खु़द को उन पलों में देखने की कोशिश कर रहा था। लगातार मेहनत कर रहा था। मैं ठीक वही करना चाहता था जो आज हुआ है। न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के बाद मैं पूरी तरह टूट गया था। ऐसा लग रहा था जैसे मेरे सारे सपने बिखर गए हों। मैं सोच रहा था कि अब क्या करूं। लेकिन शायद भगवान ने कुछ और ही तय कर रखा था। बड़े सपने देखने की हिम्मत करने का मुझे इनाम मिला है। कई पूर्व खिलाड़ियों ने मुझसे संपर्क किया और मदद करने की कोशिश की। पिछले कुछ महीनों से मेरी सचिन सर से लगातार बात हो रही थी। मैंने ही उनसे संपर्क किया था और हमारे बीच लंबी बातचीत हुई। उनके जैसा मार्गदर्शन मिल जाए तो इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। जिन लोगों ने मेरा साथ दिया मैं उन सभी का दिल से आभारी हूं। अब आगे क्या हासिल करना है। सच कहूं तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। अभी मैं बस इस पल का आनंद लेना चाहता हूं। कुछ दिनों बाद बैठकर सोचूंगा कि आगे क्या करना है।”
