सिंगरौली: जिले के बरगवां में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की धीमी रफ्तार अब आमजन के धैर्य की परीक्षा लेने लगी है। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का काम तय समयसीमा के भीतर पूरा नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जून 2025 तक पुल का निर्माण पूरा कर यातायात शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन मार्च 2026 आ जाने के बाद भी निर्माण कार्य लगभग 50 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। अधूरे निर्माण के कारण स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विभागीय सूत्रों की बातों पर गौर करे तो बरगवां रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण जुलाई 2023 में शुरू हुआ था।
परियोजना को दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन ढाई वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी पुल का निर्माण अधूरा है। लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस ओवरब्रिज की निगरानी ब्रिज विभाग कर रहा है, जबकि निर्माण कार्य दिल्ली की कंपनी पीआरएल इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड को सौंपा गया है। निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी और सुस्त रफ्तार को लेकर क्षेत्र में असंतोष का माहौल बन गया है। सबसे अधिक परेशानी बरगवां रेलवे स्टेशन मार्ग पर देखने को मिल रही है। यहां दिनभर में 40 से अधिक मालगाड़ि़यां और यात्री ट्रेनें गुजरती हैं, जिसके कारण लगभग हर दस मिनट में रेलवे फाटक बंद हो जाता है। फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। ओवरब्रिज निर्माण के चलते मार्ग का एक हिस्सा भी बंद कर दिया गया है, जिससे केवल एक लेन से ही वाहनों का आवागमन हो रहा है। परिणामस्वरूप जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है।
कनई हाईवे से निकल रहे बड़े वाहन
बड़े वाहन चालक तो कनई हाईवे का सहारा लेकर निकल जाते हैं, लेकिन स्थानीय रहवासियों और छोटे वाहन चालकों को घंटों फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है। वैकल्पिक मार्ग की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। बरगवां बाजार क्षेत्र में आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। कई बार हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि पुलिस को घंटों मशक्कत कर यातायात सुचारू कराना पड़ता है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार लगने वाले जाम के कारण ग्राहक बाजार तक आने से कतराने लगे हैं, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अगर निर्माण कार्य तय समय में पूरा हो जाता तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती थी
