सतना : संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में एक ओर जहां राज्य के प्रतिभागियों ने टॉप 10 में जगह बनाई वहीं दूसरी ओर सतना जिले का नाम भी रोशन हुआ. एक ओर जहां सतना के यशवर्धन सिंह ने 212वें स्थान पर काबिज होने में सफलता पाई. वहीं दूसरी ओर भूमिका जैन ने 331वीं रैंक हासिल की.महिला दिवस के महज 2 दिन पहले ही संघ लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में सतना की भूमिका जैन ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन कर दिया.
भूमिका ने अपने तीसरे प्रयास में 331वीं रैंक हासिल की है. भूमिका के पिता मनोज जैन जहां शहर के कपड़ा व्यवसायी हैं वहीं मां श्रीमती श्रृष्टि जैन गृहणी हैं. शुक्रवार को यूपीएससी परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम आते ही भूमिका को बधाईयां मिलने का सिलसिला शुरु हो गया. भूमिका ने अपनी सफलता का श्रेय सबसे पहले अपने माता पिता को दिया. भूमिका के अनुसार उन्हें उनके परिवार का सहयोग मिला तभी वह यह मुकाम हासिल कर पाईं. तैयारी के दौरान उन्होंने न तो सोशल मीडिया से दूरी बनाई और न ही परिवार से अलगाव रखा. घर में रहकर पढ़ाई करने के दौरान वे परिवार की जिम्मेदारियां भी निभाती रहीं. इससे उन्हें मानसिक ताकत भी मिली.
संतुलित जीवन शैली आवश्यक
भूमिका के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए संतुलित जीवन शैली और सकारात्मक वातावरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पहली बार उन्होंने कोचिंग का सहरा लिया, बेसिक समझने के लिए दिल्ली में कुछ वक्त बिताया. लेकिन उसके बाद उन्होंने सेल्फ स्टडी के मूल मंत्र को अपनाते हुए अपनी तैयारी घर से ही शुरु की. वे प्रतिदिन 9-10 घंटे पढ़ाई करती रहीं. कभी-कभी 12 घंटे तक भी पढ़ाई चली. ज्याद पुस्तकों के बजाए 1-2 पुस्तकों पर ही ध्यान केंद्रित करना, अधिक से अधिक प्रश्र पत्र और मॉक टेस्ट हल करना उनकी दिनचर्या का हम हिस्सा रहा. भूमिका ने युवाओं को यह संदेश भी दिया कि यदि हर रोज थोड़ी-थोड़ी लेकिन लगातार पढ़ाई जारी रखी जाए तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
परसवारा में मना जश्र
जिले की नागौद तहसील अंतर्गत परसवारा गांव में शुक्रवार को उस समय खुशियां मनाई जाने लगीं जब वहां के लाल यशवर्धन सिंह परिहार द्वारा संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने की जानकारी सामने आई. लोगों की खुशियां उस वक्त और बढ़ गईं जब यह मालुम हुआ कि यशवर्धन को 212 वीं रैंक हासिल हुई है. यह जानकारी सामने आते ही यशवर्धन के परसवारा स्थित घर में आस पास के लोगों और रिश्तेदारों का पहुंचकर बधाई देने का सिलसिला शुरु हो गया. वहीं यह को मिली इस सफलता से माता श्रीमती संगीता सिंह और पिता नरेंद्र सिंह परिहार खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं. जबकि यशवर्धन के अनुसार इस सफलता से वे कुछ हद तक ही संतुष्ट हैं. यूपीएससी में और बेतहर प्रदर्शन करने के लिए वे आगे भी प्रयास करेंगे
