इंदौर: शहर में धुलेंडी के दिन आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला. शहर के अलग-अलग इलाकों से एक ही दिन में 732 लोग कुत्तों के काटने के बाद उपचार के लिए लाल अस्पताल पहुंचे. डॉग बाइट के मामलों में अचानक आई इस बढ़ोतरी ने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को फिर उजागर कर दिया है.लाल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि धुलेंडी के दिन बड़ी संख्या में लोग डॉग बाइट का शिकार होकर अस्पताल पहुंचे, जिन्हें एंटीरैबीज इंजेक्शन लगाया गया.
डॉक्टरों का कहना है कि इस बार होली और धुलेंडी के दौरान कुत्तों के काटने के मामलों में सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है. आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी माह के 28 दिनों में ही शहर में 4166 लोग आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं. वहीं मार्च के पहले सप्ताह में एक ही दिन में 732 मामलों का सामने आना चिंता का विषय माना जा रहा है.
तेज रंगों को देखकर भड़क जाते हैं कुत्ते
डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि होली के दौरान लोग अलग-अलग रंगों में सराबोर रहते हैं और कई बार तेज रंगों को देखकर आवारा कुत्ते भड़क जाते हैं. लाल, नीले, पीले, हरे और काले रंगों से सने लोगों को देखकर कुत्ते आक्रामक हो सकते हैं, जिससे काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. इसके अलावा यह भी माना जा रहा है कि त्योहार के कारण एंटीरैबीज इंजेक्शन लगाने वाले कई अन्य केंद्र बंद रहने से भी बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए लाल अस्पताल पहुंचे. बहरहाल, शहर में लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामलों ने आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर फिर चिंता बढ़ा दी है.
