
इंदौर: त्योहारों के दौरान शहर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस हर साल विशेष अभियान चलाती है. वहीं, बदमाशों पर बाउंडओवर और जिलाबदर की कार्रवाई से लेकर ड्रोन के जरिए निगरानी तक की व्यवस्था कर रखी है, बावजूद इसके शहर में त्योहारों के मौके पर हत्या जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे पुलिस की तैयारियों की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं.
त्योहारों से पहले पुलिस शहर के बदमाशों और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई तेज कर देती है, कई आरोपियों को बाउंडओवर किया जाता है, जबकि कुछ को जिलाबदर भी किया जाता है. इसके अलावा संदिग्ध लोगों को थानों में बुलाकर उनके डोजियर भरवाए जाते हैं, ताकि त्योहारों के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और ड्रोन के जरिए निगरानी भी की जाती है. बावजूद इसके शहर में हत्या की घटनाएं रुक नहीं पा रही हैं.
होली पर भंवरकुआं क्षेत्र में चाकू मारकर युवक की हत्या
पिछली दीपावली के दौरान एमआईजी, आजाद नगर और एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक ही रात में तीन हत्याएं हुई थीं. इन मामलों में पुलिस ने बाद में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन त्योहार के दौरान हुई इन घटनाओं ने कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी थी. इसी तरह इस बार होली के दिन भी पुलिस पूरे शहर में सतर्क रही, लेकिन भंवरकुआं थाना क्षेत्र में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. रंग लगाने को लेकर हुए विवाद में शिव-पार्वती नगर निवासी आदित्य जमरे पर चार आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई थी. हालांकि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग सहित चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. मामले की जांच की जा रही है. त्योहारों के दौरान लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने पुलिस की सख्ती और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं
