नयी दिल्ली, 06 मार्च (वार्ता) रेलवे ने इस्पात , लौह अयस्क और उर्वरकों की ढुलाई में वृद्धि से बीते फरवरी में 2.97 प्रतिशत वृद्धि के साथ कुल 14,571 करोड़ का माल भाड़ा कमाया जो पिछले साल इसी माह में माल भाड़े से आय 14,151.96 करोड़ रुपये थी।
रेलवे की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार फरवरी में रेलवे का माल लदान सालाना आधार पर चार प्रतिशत बढ़कर 13.77 करोड़ टन से अधिक रहा। पिछले साल साल फरवरी में माल लदाई 13.25 करोड़ टन थी।
विज्ञप्ति के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में राजस्व 1.61 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने के साथ कुल माल लदाई 1,50.38 करोड़ टन तक पहुंच गई। पिछले साल के मुकाबले, इसमें 2.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि फरवरी में रेलवे ने परिवहन- परिणाम के मामले में भी अच्छा प्रदर्शन किया और इसका शुद्ध टन किलोमीटर (एनटीकेएम) 76,00.7 करोड़ (एनटीकेएम) तक पहुंच गया। यह फरवरी 2025 में यह 72,95. करोड़ एनटीकेएम था। इस तरह इसमें 4.18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। रेलवे के लिए एनटीकेएम माल ढुलाई का एक महतवपूर्ण पैमाना है1
रेलवे के माल ढुलाई कारोबार में एक बड़ा हिस्सा बुनियादी जिंसो का है। महीने के दौरान, रेलवे ने बड़ी मात्रा में कोयला, लौह अयस्क, तैयार स्टील, फर्टिलाइज़र और सीमेंट की ढुलाई की। इस दौरान कंटेनर ट्रैफिक भी अच्छी रही। विज्ञप्ति में कहा गया है कि तैयार स्टील, लौह अयस्क और फर्टिलाइज़र जैसी जिंसों की लादाई में वृद्धि का भारत की माल ढुलाई की कुल वृद्धि कुल में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
